डायबिटीज के दौरान पैरों का खास ख्याल क्यों है जरूरी? जानें बड़ी वजह

डायबिटीज के दौरान पैरों का खास ख्याल क्यों है जरूरी? जानें बड़ी वजह

डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जिसमें शरीर में ब्लड शुगर का स्तर लंबे समय तक बढ़ा रह सकता है. अगर इसे सही तरीके से कंट्रोल न किया जाए, तो इसका असर शरीर के अलगअलग हिस्सों पर पड़ सकता है. इसलिए डायबिटीज में सिर्फ दवाएं लेना और खानपान का ध्यान रखना ही काफी नहीं होता, बल्कि शरीर की रोजाना देखभाल भी उतनी ही जरूरी होती है. खासकर पैरों की देखभाल को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

डायबिटीज के दौरान पैरों का खास ख्याल क्यों है जरूरी? जानें बड़ी वजह

अक्सर लोग में पैरों पर तब ध्यान देते हैं, जब कोई परेशानी शुरू हो जाती है. जबकि पैरों की नियमित देखभाल और उनमें होने वाले छोटेछोटे बदलावों पर समय रहते नजर रखना जरूरी होता है. इससे कई परेशानियों से बचने में मदद मिल सकती है. इसलिए अगर किसी को डायबिटीज है, तो पैरों की देखभाल को अपनी रोजमर्रा की आदत का हिस्सा बनाना चाहिए. आइए जानते हैं कि डायबिटीज से पैरों पर असर कैसे होता है और इससे जुड़ी कौन सी समस्याएं हो सकती हैं.

डायबिटीज में पैरों पर कैसे असर पड़ता है और कौनसी समस्याएं हो सकती हैं?

के अनुसार, लंबे समय तक ब्लड शुगर का स्तर बढ़ा रहने से पैरों की नसों और खून की नलिकाओं पर असर पड़ने लगता है. इससे नसों को नुकसान हो सकता है, जिसे डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। ऐसी स्थिति में पैरों में दर्द, झनझनाहट, जलन या सुन्नपन महसूस हो सकता है. कई बार व्यक्ति को पैर में लगी चोट, कट या छाले का पता भी नहीं चलता. वहीं, पैरों तक खून का फ्लो कम होने से घाव जल्दी नहीं भरते और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है.

अगर समय पर इलाज न मिले, तो छोटीसी चोट भी गंभीर रूप ले सकती है. डायबिटीज के कारण पैरों में सूखी त्वचा, फटी एड़ियां, घाव, संक्रमण और कुछ मामलों में पैरों का आकार बदलने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं. इसलिए पैरों में होने वाले किसी भी बदलाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए.

इन संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

अगर पैरों में कोई घाव लंबे समय तक ठीक न हो, त्वचा लाल या सूजी हुई दिखाई दे, पस निकलने लगे या पैर छूने पर बहुत गर्म महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. इसके अलावा पैरों में सुन्नपन, लगातार दर्द, जलन, चलने में परेशानी या त्वचा का रंग बदलना भी चेतावनी के संकेत हो सकते हैं.

नाखून के आसपास संक्रमण, बारबार छाले बनना या पैरों में अचानक सूजन आना भी सामान्य नहीं माना जाता. ऐसे लक्षण दिखने पर इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए.

डायबिटीज में पैरों को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?

डायबिटीज में पैरों को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना पैरों को साफ पानी से धोकर अच्छी तरह सुखाएं. पैरों की त्वचा को सूखने से बचाने के लिए मॉइस्चराइजर लगाएं, लेकिन उंगलियों के बीच क्रीम न लगाएं. हमेशा सही फिटिंग वाले जूते और साफ मोजे पहनें तथा नंगे पैर चलने से बचें.

पैरों में कट, छाले, सूजन या रंग में बदलाव दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं. साथ ही ब्लड शुगर को कंट्रोल रखें और नियमित रूप से पैरों की जांच कराते रहें. इससे गंभीर समस्याओं का खतरा काफी कम हो सकता है.

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