Quick Samachar: साउथ और बॉलीवुड स्टार तमन्ना भाटिया अपनी फिटनेस के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में फरहा खान के यूट्यूब व्लॉग में बातचीत के दौरान तमन्ना ने कहा कि महिलाओं के शरीर में समयसमय पर बदलाव आना पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान भी उनके शरीर में कई बार बदलाव देखने को मिले हैं। तमन्ना ने कहा लोगों को यह समझने की जरूरत है कि महिलाओं का शरीर लगातार बदलता रहता है।

तमन्ना भाटिया के बयान के बाद चर्चा में ‘Weight Fluctuation’, एक्सपर्ट से जानिए क्यों महिलाओं का वजन बार-बार घटता-बढ़ता है​
तमन्ना भाटिया के बयान के बाद चर्चा में ‘Weight Fluctuation’, एक्सपर्ट से जानिए क्यों महिलाओं का वजन बार-बार घटता-बढ़ता है​

तमन्ना ने बताया मुझे याद है कि जब मैंने ‘गफूर’ गाने की शूटिंग की थी, उसके बाद भी मेरे शरीर में बदलाव आया था और यह बदलाव लगातार होता रहता है। अगर मैं दो बर्गर भी खा लूं तो मेरे शरीर में फर्क दिखने लगता है। तमन्ना के एक बयान ने सोशल मीडिया पर वजन और डाइट को लेकर नई बहस छेड़ दी है। क्या वाकई सिर्फ दो बर्गर खाने से शरीर में तुरंत बदलाव आ जाते हैं? महिलाओं का वजन बारबार क्यों घटताबढ़ता रहता है और इसके पीछे क्या हार्मोनल या मेडिकल कारण हैं? हेल्थ एक्सपर्ट से जानते हैं कि क्यों महिलाओं का शरीर समय समय पर बदलता रहता है।

महिलाओं का वजन क्यों बदलता रहता है?

कंसल्टेंट डाइटीशियन, सर्टिफाइड फिटनेस एक्सपर्ट एवं न्यूट्रिशनिस्ट गरिमा गोयल  के मुताबिक महिलाओं के शरीर का वजन, आकार और शरीर में पानी की मात्रा कई कारणों से बदल सकती है। इनमें हार्मोनल बदलाव, मासिक धर्म चक्र, तनाव, नींद की कमी, ज्यादा नमक का सेवन और पाचन संबंधी बदलाव शामिल हैं। एक्सपर्ट ने बताया कि कभीकभार बर्गर या दूसरा अपना पसंदीदा भोजन खाने से शरीर में सूजन, ब्लोटिंग या भारीपन महसूस हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि शरीर में फैट बढ़ गया है। विशेषज्ञ के मुताबिक महिलाओं में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन के स्तर में होने वाले बदलाव भूख, शरीर में पानी के संतुलन और बॉडी कंपोजिशन को प्रभावित कर सकते हैं। इसी वजह से कई महिलाओं में बिना फैट बढ़े भी एक से दो किलोग्राम तक वजन में अस्थायी उतारचढ़ाव देखा जा सकता है।कार्बोहाइड्रेट भी बढ़ा सकते हैं वजन

एक्सपर्ट के अनुसार कार्बोहाइड्रेट शरीर में ग्लाइकोजन के रूप में जमा होते हैं और ग्लाइकोजन के साथ पानी भी स्टोर होता है। यही वजह है कि कुछ खाद्य पदार्थ खाने के बाद जब आप मशीन पर अपना वजन चेक करती हैं तो  थोड़ी बढ़ोतरी दिखाई दे सकती है या व्यक्ति खुद को भारी महसूस कर सकता है। महिलाओं में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के स्तर में होने वाला उतारचढ़ाव भूख, शरीर में पानी के संतुलन और बॉडी कंपोजिशन को प्रभावित करते हैं। इसी कारण कई महिलाओं का वजन बिना फैट बढ़े ही 1 से 2 किलो तक ऊपरनीचे हो सकता है।

शरीर का हर समय एक जैसा दिखना जरूरी नहीं

गरिमा गोयल का कहना है कि उम्र बढ़ने, हार्मोनल बदलाव, लाइफस्टाइल, तनाव और जीवन के अलगअलग चरणों के कारण शरीर का वजन और आकार बदलना बिल्कुल सामान्य है। ऐसे में यह उम्मीद करना कि शरीर हर दिन या हर साल बिल्कुल एक जैसा दिखे, न तो व्यावहारिक है और न ही स्वास्थ्य के लिहाज से सही। एक्सपर्ट ने बताया अगर आप लाइफस्टाइल बैलेंस हैं और आप लगातार हेल्दी हैबिट्स का पालन कर रहे हैं तो कभी कभार आप बर्गर और अपना पसंदीदा खाना खा सकते हैं। इस तरह का खाना आपके वजन घटाने पर और वेट लॉस जर्नी में किसी तरह की कोई रुकावट नहीं डाल सकता। एक्सपर्ट ने बताया इंसान का शरीर कोई मशीन नहीं है, जो हर भोजन के बाद बिल्कुल वैसा ही बना रहे। शरीर लगातार बदलने वाली एक गतिशील प्रणाली है, जिस पर कई जैविक और हार्मोनल कारकों का प्रभाव पड़ता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। फिटनेस एक्सपर्ट या डायटिशियन के ये विचार उनके व्यक्तिगत अनुभव और वैज्ञानिक अध्ययन पर आधारित हैं। प्रत्येक व्यक्ति का शरीर, मेटाबॉलिज्म और मेडिकल स्थिति अलग होती है। इसलिए, अपनी डाइट या लाइफस्टाइल में किसी भी तरह का बड़ा बदलाव करने से पहले किसी प्रमाणित डॉक्टर या क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट से व्यक्तिगत परामर्श ज़रूर लें।