नंबर1 FMCG ब्रांड बनने की तैयारी! ITC ने तैयार किया ₹8 लाख करोड़ के बाजार पर कब्जा करने का ‘मास्टरप्लान’

नंबर1 FMCG ब्रांड बनने की तैयारी! ITC ने तैयार किया ₹8 लाख करोड़ के बाजार पर कब्जा करने का ‘मास्टरप्लान’

ITC के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव पुरी ने गुरुवार को कंपनी की सालाना आम बैठक में कहा कि कंपनी को उम्मीद है कि 2035 तक उसका FMCG मार्केट बढ़कर लगभग 8 लाख करोड़ रुपए का हो जाएगा. कंपनी ब्रांडबिल्डिंग, डिजिटल कॉमर्स के विस्तार और रणनीतिक अधिग्रहण के जरिए अपनी स्थिति मज़बूत करने की कोशिश कर रही है.

नंबर1 FMCG ब्रांड बनने की तैयारी! ITC ने तैयार किया ₹8 लाख करोड़ के बाजार पर कब्जा करने का ‘मास्टरप्लान’

AGM में शेयरहोल्डर्स को संबोधित करते हुए पुरी ने कहा कि भारतीय एमसीजी मार्केट “तेज़ी से विस्तार के लिए तैयार है” क्योंकि कंज्यूमर का माहौल तेज़ी से बदल रहा है. उन्होंने कहा कि एस्पिरेशनल भारत प्रीमियम बनाने की प्रवृत्ति , Gen Z और Gen Alpha कंज्यूमर, डिजिटल पहुंच का विस्तार और क्विक कॉमर्स का विकास कैटेगरी, चैनल और उम्मीदों को नया रूप दे रहे हैं.

पुरी ने कहा कि इन ट्रेंड्स का फायदा उठाने के लिए, ITC एक AIबेस्ड कंज्यूमर इनसाइट इकोसिस्टम का इस्तेमाल कर रही है. यह माइक्रोसेगमेंटेशन को सक्षम बनाता है और बदलती कंज्यूमर ज़रूरतों, लाइफस्टाइल और मौकों के हिसाब से अलगअलग तरह के प्रोडक्ट बनाने में मदद करता है.

उन्होंने कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी में ऑनलाइन और ओमनीचैनल कॉमर्स की बढ़ती भूमिका पर भी ज़ोर दिया. पुरी ने कहा कि ये अलग तरह के प्रोडक्ट आपकी कंपनी के स्मार्ट ओमनीचैनल नेटवर्क के जरिए लाखों घरों तक पहुंचते हैं. इस नेटवर्क में एम्बिएंट, चिल्ड, फ्रोजन और खराब होने वाली चीजों की सप्लाई चेन में अनोखी मल्टीडायमेंशनल क्षमताएं हैं.

10 साल में 8 लाख करोड़ का मार्केट

कंपनी तेजी से बढ़ने वाली और प्रीमियम कैटेगरी में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए अधिग्रहण का भी इस्तेमाल कर रही है. पुरी ने कहा कि भारतीय FMCG मार्केट में ग्रोथ की काफ़ी गुंजाइश है. उन्होंने कहा कि भारतीय FMCG मार्केट तेज़ी से विस्तार के लिए तैयार है. 2035 तक आपकी कंपनी का एड्रेसेबल मार्केट लगभग 8 लाख करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो ग्रोथ की अपार संभावनाओं की ओर इशारा करता है. भारत में कंज्यूमर का माहौल भी तेज़ी से बदल रहा है. पुरी ने कहा कि ITC के FMCG बिजनेस जिनके पास अब 30 से ज्यादा वर्ल्डक्लास FMCG ब्रांड का पोर्टफोलियो है ने मजबूत रफ्तार बनाए रखी है. इनका रेवेन्यू वित्त वर्ष 2021 में लगभग 14,720 करोड़ रुपए से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 24,200 करोड़ रुपए से ज्यादा होगा गया है, साथ ही मुनाफे में भी लगातार सुधार हुआ है.

70 देशों में होता है एक्सपोर्ट

पुरी ने कहा कि नंबर वन FMCG प्लेयर बनने की आपकी कंपनी की महत्वाकांक्षा इसी बड़े विजन पर टिकी है. उन्होंने बताया कि ITC के FMCG ब्रांड सालाना लगभग 37,000 करोड़ रुपए का कंज्यूमर खर्च दर्शाते हैं, लगभग 280 मिलियन घरों तक पहुंचते हैं और 70 से ज़्यादा देशों में एक्सपोर्ट किए जाते हैं. पुरी ने यह भी कहा कि भारत के सामने सही पोषण और जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं, दोनों ही चुनौतियां हैं. उन्होंने बताया कि ITC अपने “हेल्प इंडिया ईट बेटर” मिशन के तहत “गुडफॉरयू” प्रोडक्ट्स की एक रेंज तैयार कर रहा है, ताकि प्रोटीन, फाइबर, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स और गट हेल्थ से जुड़ी कमियों को दूर किया जा सके. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उन्होंने कई उदाहरण दिए, जिसमें Gen Z ग्राहकों के लिए Yoga Bar की प्रोटीन रेंज, युवा प्रोफेशनल्स के लिए Sunfeast के प्रोटीनयुक्त ब्रेकफ़ास्ट शेक, और प्रोटीनफोर्टिफाइड Aashirvaad आटा शमिल हैं.

एआई से मिल रही मदद

उन्होंने कहा कि AIबेस्ड कंज्यूमर इनसाइट इकोसिस्टम कंपनी को टारगेटेड माइक्रोसेगमेंटेशन करने में मदद कर रहा है, ताकि जीवन के चरणों, जीवनशैली, चैनल, मौके, शेल्फलाइफ की ज़रूरतों और स्वास्थ्य संबंधी ज़रूरतों के आधार पर अलगअलग तरह के प्रोडक्ट बनाए जा सकें. पुरी ने आगे कहा कि आज के ग्राहक स्वाद और पोषण, सुविधा और भरोसे, साथ ही वैल्यू और प्रीमियम अनुभव के बीच संतुलन चाहते हैं. ग्राहकों की बदलती पसंद को पूरा करने के लिए, कंपनी अपने मुख्य ब्रांड्स का विस्तार कर रही है और साथ ही भविष्य के लिए तैयार पोर्टफोलियो बना रही है. यह AIआधारित कंज्यूमर इनसाइट इकोसिस्टम का इस्तेमाल करके ग्राहकों की खास ज़रूरतों को पहचान रही है और जीवन के अलगअलग चरणों, जीवनशैली, चैनलों, मौकों और स्वास्थ्य संबंधी ज़रूरतों के हिसाब से टारगेटेड प्रोडक्ट विकसित कर रही है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *