Quick Samachar: आमतौर पर माना जाता है कि किडनी की बीमारी से पीड़ित डायबिटीज मरीजों का ब्लड शुगर लेवल हमेशा हाई रहता है, लेकिन मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक असलियत इसके उलट भी हो सकती है। क्रोनिक किडनी डिजीज के एडवांस स्टेज में मरीजों का ब्लड शुगर अचानक खतरनाक स्तर तक कम होने लगता है। क्रॉनिक किडनी डिजीज सिर्फ किडनी की कार्यक्षमता को ही प्रभावित नहीं करती, बल्कि यह शरीर में ब्लड शुगर के संतुलन को भी बिगाड़ सकती है। एक्सपर्ट के मुताबिक किडनी का काम केवल शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना नहीं है, बल्कि यह इंसुलिन को तोड़ने और जरूरत पड़ने पर ग्लूकोज बनाने में भी अहम किरदार निभाती है।

KIMS हॉस्पिटल्स, ठाणे में कंसल्टेंट नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. सुमिरन महाजन ने कहा क्रोनिक किडनी डिज़ीज़ कई तरह से ब्लड शुगर कंट्रोल को बिगाड़ सकती है। जहां हेल्दी किडनी इंसुलिन को तोड़कर और ज़रूरत पड़ने पर ग्लूकोज़ बनाकर ग्लूकोज़ का बैलेंस बनाए रखने में मदद करती हैं, वहीं किडनी की कार्यक्षमता कम होने से ब्लडस्ट्रीम में इंसुलिन का स्तर लंबे समय तक बना रहता है, जिससे ब्लड शुगर का स्तर उम्मीद से ज़्यादा कम हो सकता है। यह उन डायबिटीज़ मरीज़ों के लिए खास तौर पर ज़रूरी है जो इंसुलिन या ग्लूकोज़ कम करने वाली कुछ दवाएं ले रहे हैं।

क्या CKD मरीजों में लो ब्लड शुगर आम है?

डॉ. महाजन ने बताया किडनी रोग के मरीजों में लो ब्लड शुगर यानी हाइपोग्लाइसीमिया की समस्या अपेक्षाकृत अधिक देखने को मिल सकती है। CKD मरीजों में भूख कम लगना, खानपान संबंधी प्रतिबंध, मतली और बेवजह वजन कम होने जैसी समस्याएं आम होती हैं, जो ब्लड शुगर को कम कर सकती हैं। इसके अलावा, कई बार मरीज डायबिटीज की दवाओं की वही खुराक लेते रहते हैं,भले ही उनके शरीर की इंसुलिन की ज़रूरतें बदल गई हों, जिससे हाइपोग्लाइसीमिया का खतरा बढ़ जाता है।

लो ब्लड शुगर के लक्षण

ब्लड शुगर कम होने पर शरीर कई संकेत देता है, जिनमें शामिल हैं

  • अत्यधिक पसीना आना
  • हाथपैर कांपना
  • चक्कर आना
  • कमजोरी महसूस होना
  • तेज भूख लगना
  • सिरदर्द होना
  • भ्रम या कन्फ्यूजन की स्थिति पैदा होना
  • धुंधला दिखाई देना
  • ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होना लो ब्लड शुगर के लक्षण हो सकते हैं।
  • गंभीर मामलों में व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है, इसलिए डायबिटीज और किडनी रोग से पीड़ित लोगों को नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच कराते रहना चाहिए।

क्या ब्लड शुगर कम होना किडनी के सुधरने का संकेत है?

एक्सपर्ट ने बताया कुछ मरीज ब्लड शुगर में सुधार होने को हेल्थ में सुधार मान लेते हैं लेकिन वास्तव में ये किडनी की बिगड़ती कार्यक्षमता के कारण शरीर में इंसुलिन और दवाओं के प्रोसेस होने के तरीके में बदलाव का संकेत भी हो सकता है। इसलिए ब्लड शुगर में अचानक गिरावट को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

CKD मरीज लो ब्लड शुगर के खतरे को कैसे कम करें?

डॉ. महाजन के अनुसार, कुछ सावधानियां अपनाकर इस जोखिम को कम किया जा सकता है जैसे

  • नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच करें।
  • समय पर भोजन करें और भोजन न छोड़ें।
  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाओं की समीक्षा कराएं।
  • नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के डायबिटीज की दवाओं में कोई बदलाव न करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि जैसेजैसे किडनी रोग बढ़ता है, वैसेवैसे उपचार योजना में बदलाव की जरूरत पड़ सकती है। समय रहते लक्षणों की पहचान और सही प्रबंधन से जटिलताओं को रोका जा सकता है और जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाई जा सकती है।