बदल रही घर खरीदारों की पसंद, रियल एस्टेट मार्केट में अब ये है लग्जरी की पहचान

बदल रही घर खरीदारों की पसंद, रियल एस्टेट मार्केट में अब ये है लग्जरी की पहचान

दिल्लीएनसीआर के रियल एस्टेट बाजार, विशेषकर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाज़ियाबाद की नई पीढ़ी के घर खरीदारों की बदलती पसंद से लक्जरी हाउसिंग की परिभाषा में तेजी से बदलाव आया है. पहले जहां बड़े फ्लैट, प्रीमियम लोकेशन, थीम आधारित, महंगे साजसज्जा, शानदार लॉबी और इंटीरियर को लक्जरी का पैमाना माना जाता था, वहीं अब खरीदारों की प्राथमिकताएं परियोजना तथा फ्लैट में आधुनिक सुविधाओं, शांत व सुरक्षित वातावरण, स्वास्थ्य तथा पर्यावरण केंद्रित विशेषताओं और संतुलित जीवनशैली हो रही है.

बदल रही घर खरीदारों की पसंद, रियल एस्टेट मार्केट में अब ये है लग्जरी की पहचान

नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाज़ियाबाद में एक्सप्रेसवे, मेट्रो व रैपिड रेल, एयरपोर्ट के बनने और तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर ने एनसीआर में कनेक्टिविटी की समस्या को नगण्य कर दिया है. घर खरीदारों को अपनी परियोजना के आसपास ऑफिस, स्कूल, अस्पताल, शॉपिंग और मनोरंजन की सुविधाएं भी मिल रही है. ऐसे में घर खरीदारों के लिए परियोजना में खुला वातावरण पाना और परिवार के साथ बेहतर व ज्यादा समय बिताना, ग्रीन स्पेस, वॉकिंग ट्रैक, क्लब हाउस, वेलनेस सेंटर और मल्टीस्पोर्ट्स सुविधाएं अब लक्जरी की पहचान और परिभाषा बन चुकी हैं.

क्या कहते हैं बाजार के जानकार

जानकारों का कहना है कि निर्माण तकनीक सभी प्रोमोटर्स की लगभग एक जैसी होने से क्वालिटी में कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ रहा. ऐसे में घर खरीदार ऐसी परियोजना का चयन कर रहे है जिनमें दैनिक सुविधा और विशेषता के अलावा पर्यावरणीय जिम्मेदारी और बेहतर जीवन गुणवत्ता का संतुलन, वर्षा जल संचयन, ऊर्जा दक्ष निर्माण, बेहतर वेंटिलेशन और पर्यावरणअनुकूल डिजाइन वाले घर हो भले वो किसी बड़े संस्थान के न हो. फ्लैट की बढ़ती कीमतों ने उनका ध्यान अब लंबे समय के लिए निवेश और उसके उपयोगिता पर केंद्रित किया है जो समय की जरूरत के साथ बदल गया है. रीयरको प्राइवेट लिमिटेड की एमडी, गीतांजलि खन्ना का कहना है कि आज का घर खरीदार पहले की तुलना में अधिक जागरूक और विश्लेषणात्मक हो गया है. वह केवल बड़ा एरिया और नाम देखकर निर्णय नहीं लेता, बल्कि क्वालिटी, रोजाना जीवन की सुविधाएं, लेआउट के अनुसार जगह का उपयोग, फ्लैट्स में प्राकृतिक रोशनी और हवा की व्यवस्था, अधिक हरित व खुला स्थान, स्वास्थ्य और खेलकूद स्थल, ग्रीन मानक, प्रकृति से जुड़े पहलुओं जैसे फीचर पर गहराई से ध्यान देते है. वही निराला वर्ल्ड के सीएमृडी सुरेश गर्ग का मानना है कि मिक्स्डयूज डेवलपमेंट भविष्य की शहरी जरूरतों का सबसे प्रभावी समाधान बनकर उभर रहे हैं. जब रेज़िडेंशियल, कमर्शियल, रिटेल और एंटरटेनमेंट सुविधाएं एक ही इकोसिस्टम में उपलब्ध होती हैं तो लोगों का समय बचता है और जीवन अधिक सुविधाजनक बनता है.

सुविधा और स्वास्थ्य सबसे बड़ी लग्जरी

रेनॉक्स ग्रुप के चेयरमैन शैलेन्द्र शर्मा का कहना है कि आज के व्यस्त शहरी जीवन में सुविधा और स्वास्थ्य सबसे बड़ी लक्ज़री बन चुकी है. मानसिक शांति, स्वच्छ वातावरण और बेहतर एयर क्वालिटी देने वाले घर अब घर खरीदने के फैसले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. घर खरीदार ऐसी परियोजना का चयन कर रहे है जिसमें भीड़भाड़ न हो, भरपूर ग्रीन एण्ड ओपन एरिया, स्पोर्ट्स जोन और वेलनेस फीचर ज्यादा हो, परिवार के साथ ज्यादा समय बिताने के लिए मल्टीऐक्टिविटी एरिया, क्लब, बढ़िया सिक्युरिटी और मेंटेनेंस सहित अन्य जरूरतों के लिए परियोजना से ज्यादा दूर जाने की जरूरत न पड़ें. आरजी ग्रुप के निदेशक हिमांशु गर्ग के मुताबिक नोएडा और ग्रेटर नोएडा का तेजी से विकसित होता इंफ्रास्ट्रक्चर इस क्षेत्र को प्रीमियम हाउसिंग के लिए मजबूत गंतव्य बना रहा है. एक्सप्रेसवे, मेट्रो विस्तार और नई कनेक्टिविटी परियोजनाओं ने खरीदारों का भरोसा बढ़ाया है. अब लोग सिर्फ लोकेशन नहीं बल्कि उस लोकेशन से मिलने वाली सुविधा और समय बचत को भी महत्व दे रहे हैं.

ऐसे बदल रही लग्जरी की परिभाषा

डिलीजेंट बिल्डर्स के सीओओ, ले.क. अश्वनी नागपाल का कहना है कि लग्ज़री किसी बड़ी कंपनी के नाम से नहीं, बल्कि असल में दी जाने वाली सुविधाओं से तय होती है. परियोजना और यूनिटस में इस्तेमाल होने वाली चीज़ों के बारे में पारदर्शिता व उसकी सुविधाओं की पूरी जानकारी लग्ज़री को और बढ़ाती है. बड़े फ्लैट और ब्रांडेड प्रोजेक्ट्स को लक्जरी मानने वाले घर खरीदारों की पसंद अब अधिक व्यावहारिक हो गई है और वे आधुनिक एवं बेहतर सुविधाओं और अनुभव देने वाले प्रोजेक्ट को प्राथमिकता दे रहे है. बेहतर कनेक्टिविटी, कम ट्रैवल टाइम, खुला व शांतिपूर्ण वातावरण, स्पोर्ट्स और ऐक्टिविटी एरिया, परिवार के लिए सुरक्षित कम्युनिटी अब लक्जरी से कम नहीं है तथा निर्णय के बड़े कारक हैं. श्री केबी ग्रुप के फाउंडर राकेश सिंघल का कहना है कि भविष्य का सफल रियल एस्टेट केवल इमारतों की ऊंचाई से तय नहीं होगा, बल्कि उससे बने समुदायों की गुणवत्ता से होगा. खरीदार अब सिर्फ घर नहीं खरीद रहा, बल्कि अपने जीवन की गुणवत्ता, सुरक्षा और सामाजिक माहौल में निवेश कर रहा है. ऐसे प्रोजेक्ट जो कम्युनिटी एंगेजमेंट आदि पर ध्यान देंगे, वही बाजार में स्थायी पहचान बनाएंगे.

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