
बदायूं, अमृत विचार। बदायूं में कांवड़ यात्रा के रास्तों से बेसहारा गौवंश पकड़ने के तरीके पर विवाद छिड़ गया है। पशुप्रेमियों का आरोप है कि गौवंशीय पशुओं को नशीले इंजेक्शन की ओरवडेज देकर बेहोश किया जा रहा है। गौवंश पकड़ने निकली नगर पालिका टीम को पशुप्रेमियों ने रोक लिया। वह वाहन छोड़कर चले गए। हंगामें की सूचना पर पुलिस टीम पहुंची। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। समझाबुझाकर मामला शांत किया गया।
घटनाक्रम उझानी क्षेत्र का है। बरेलीमथुरा हाईवे पर कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन के आदेश पर गौवंश पकड़ने की मुहिम चल रही है। बदायूं नगर पालिका के अलावा विभिन्न नगर पालिकाओं की टीमें इसमें लगी हैं। बृहस्पतिवार की शाम को पशुप्रेमियों ने पशु वाहनों को रोक लिया। ओवरडोज का आरोप लगाते हुए कहा कि ज्यादा नशा देने से गौवंश बेहोश जा रहे हैं। कई गाय की हालत मरणासन्न हो जाती है।
आरोप है कि गाड़ियों पर नंबर भी नहीं थे। सूचना पर पहुंची 112 पीआरवी व कोतवाली पुलिस ने जानकारी की तो पता चला कि वाहन नगरपालिका बदायूं का है। पुलिस ने पशुप्रेमियों को समझा कर मामले को रफादफा कर दिया।
जानकारी के अनुसार प्रशासन ने कांवड़ मार्ग पर घूम रहे आवारा पशुओं को पकड़कर गौशाला भेजने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में जिले की अन्य नगर पालिकाओं के वाहन उझानी क्षेत्र में पहुंचे थे।
पशुप्रेमियों ने जब वाहन रोक कर कर्मचारियों से पूछताछ की तो वे जवाब दिए बिना वाहन छोड़कर मौके से चले गए। इसके बाद पशुप्रेमियों ने प्रशासन से मांग की कि गौवंश को पकड़कर गौशाला भेजा जाए, लेकिन पकड़ने का तरीका मानवीय हो।
पशुप्रेमी ने कहा, हम कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए सड़क से गौवंश हटाने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जानवरों को इस तरह तड़पातड़पा कर पकड़ना गलत है। इंजेक्शन की ओवरडोज से कई गायें गिरकर बेहोश हो गईं।
प्रशासन का उद्देश्य कांवड़ियों की सुरक्षा के साथसाथ पशुओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित करना है। इस वाबत ईओ मणीजी सैनी से संपर्क किया लेकिन उनका मोबाइल रिसीव नहीं हुआ। श्याम पशु प्रेमी प्रखर अग्रवाल ध्रुव यादव अवनीश सभासद आदि लोग मौजूद रहे।
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