मोहन भागवत के आरक्षण वाले बयान पर चंद्रशेखर का पलटवार

मोहन भागवत के आरक्षण वाले बयान पर चंद्रशेखर का पलटवार

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के आरक्षण संबंधी हालिया बयान के बाद देश की राजनीति में एक बार फिर बहस तेज हो गई है। इस मुद्दे पर आज़ाद समाज पार्टी के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आरक्षण पर दिए गए बयान का विरोध किया और बड़ी मांग रखी।

मोहन भागवत के आरक्षण वाले बयान पर चंद्रशेखर का पलटवार

चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि आरक्षण संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार है और इस पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी या समीक्षा की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने मांग की कि आरक्षण जैसे संवेदनशील विषय पर सार्वजनिक बयानबाज़ी बंद होनी चाहिए और संविधान में दिए गए प्रावधानों का पूरी तरह सम्मान किया जाना चाहिए।

दरअसल, मोहन भागवत ने अपने हालिया संबोधन में कहा था कि जब तक समाज में भेदभाव मौजूद है, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों को आरक्षण का लाभ मिल चुका है और वे सक्षम हो चुके हैं, उन्हें स्वेच्छा से पीछे हटकर अन्य वंचित लोगों को अवसर देने पर विचार करना चाहिए।

भागवत के इस बयान के बाद विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से अलगअलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। चंद्रशेखर ने इसे सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दे पर अनावश्यक हस्तक्षेप बताते हुए कहा कि आरक्षण पर फैसला केवल संविधान और कानून के दायरे में होना चाहिए, न कि सार्वजनिक विमर्श के जरिए।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आरक्षण का मुद्दा हमेशा से संवेदनशील रहा है और इस पर दिए गए बयानों का असर राजनीतिक माहौल पर भी पड़ता है। ऐसे में मोहन भागवत के बयान और उस पर चंद्रशेखर की प्रतिक्रिया ने इस बहस को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है।

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