
ढाका। बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अपने कार्यकाल की समाप्ति से करीब दो साल पहले ही शुक्रवार को पद से इस्तीफा दे दिया। 76 वर्षीय शहाबुद्दीन ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को इस्तीफे की वजह बताया है।
‘द डेली स्टार’ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति से जब इस्तीफे के कारणों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं। राष्ट्रपति भवन ‘बंगभवन’ के प्रवक्ता ने बताया कि शहाबुद्दीन का प्रतिनिधि उनका त्यागपत्र लेकर संसद के लिए रवाना हो चुका है। यह इस्तीफा संसद अध्यक्ष हफीजुद्दीन अहमद को सौंपा जाएगा।
बांग्लादेश के संविधान के अनुसार, नए राष्ट्रपति के चुने जाने तक संसद अध्यक्ष कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे। हालांकि, राष्ट्रपति भवन के प्रवक्ता ने कहा कि संसद अध्यक्ष को औपचारिक रूप से इस्तीफा मिलने तक इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की जा सकती।
2023 में संभाला था राष्ट्रपति पद
मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अप्रैल 2023 में पांच साल के कार्यकाल के लिए बांग्लादेश के राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। इससे पहले वह निचली अदालत के न्यायाधीश रह चुके हैं और 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में भी उनकी भूमिका रही थी। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। शहाबुद्दीन को तत्कालीन संसद ने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद के लिए चुना था। वह जुलाईअगस्त 2024 में हुए छात्र आंदोलनों और राजनीतिक उथलपुथल के बाद भी अपने पद पर बने रहने वाले प्रमुख संवैधानिक पदाधिकारियों में शामिल थे।
इन विरोधप्रदर्शनों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी। इसके बाद शेख हसीना भारत चली गई थीं और पांच अगस्त 2024 से वहीं रह रही हैं। अब राष्ट्रपति के इस्तीफे के बाद बांग्लादेश की राजनीति में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिला है।