
बरेली, अमृत विचार। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बुधवार को मंडलायुक्त सभागार में बरेली मंडल में पर्यटन विकास से जुड़े 32 प्रस्तावों की समीक्षा की। मंत्री ने अफसरों से दो टूक कहा कि नॉथ कॉरिडोर का काम तय समय में पूरा होना चाहिए, ताकि इस साल के अंत तक धार्मिक पर्यटन की रफ्तार बढ़ सके।
मंत्री ने अफसरों से कहा कि पर्यटन परियोजनाओं का लाभ सीधे आम लोगों और पर्यटकों तक पहुंचना चाहिए। जमीनी तैयारी के साथ जनउपयोगिता वाले कामों को प्राथमिकता दी जाए। बैठक में बरेली के 12, शाहजहांपुर के 8 तथा पीलीभीत और बदायूं के तीनतीन प्रस्तावों पर चर्चा हुई। धार्मिक कार्य विभाग के दो और संस्कृति विभाग के तीन प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई। पर्यटन और धार्मिक कार्य विभाग की परियोजनाओं की अनुमानित लागत 35 करोड़ रुपये से अधिक है। बरेली में प्रस्तावित ” परंपरा ” पर्यटन एवं संस्कृति वनस्टॉप सेंटर, सीबीगंज की करीब सात करोड़ रुपये की ईकोटूरिज्म परियोजना और निर्माणाधीन नाथ कॉरिडोर पर खास फोकस रहा।
मंत्री ने निर्देश दिए कि नाथ कॉरिडोर का कार्य तय समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। परियोजनाओं में मंदिरों, गुरुद्वारों और अन्य धार्मिक स्थलों पर शौचालय, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधा, क्यूआर कोड आधारित सूचना प्रणाली विकसित करने का प्रस्ताव है। संस्कृति विभाग ने फतेहगंज पश्चिमी, कांट और पूरनपुर के रामलीला मैदानों के विकास का प्रस्ताव भी रखा, जबकि बदायूं के दातागंज में ऑडिटोरियम और पुस्तकालय निर्माण की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह, वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार, महापौर डॉ. उमेश गौतम, मंडलायुक्त भुपेंद्र एस चौधरी, जिलाधिकारी अविनाश्र सिंह और पर्यटन विभाग के अधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ मौजूद रहे।