
बाराबंकी: दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध की गूंज अब उत्तर प्रदेश के बाराबंकी तक पहुंच गई। मंगलवार देर शाम समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शहर के छाया चौराहे पर प्रदर्शन करते हुए धरना दिया और केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर बड़ी संख्या में सपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता छाया चौराहे पर जुटे। प्रदर्शन का नेतृत्व बाराबंकी सदर से तीन बार विधायक रहे सुरेश यादव ने किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने “अखिलेश यादव को रिहा करो” और “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” जैसे नारे लगाए।
धरने से कुछ देर प्रभावित रहा यातायात
धरनाप्रदर्शन के चलते छाया चौराहे पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया। सूचना मिलते ही शहर कोतवाली सहित जिले के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने में जुट गई।
प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने के दौरान पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच हल्की धक्कामुक्की भी हुई। हालांकि पुलिस ने स्थिति को जल्द नियंत्रित कर लिया और किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोक दिया।
सुरेश यादव ने लगाया तानाशाही का आरोप
प्रदर्शन के दौरान सपा नेता और पूर्व विधायक सुरेश यादव ने अखिलेश यादव की हिरासत को लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष और युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
सपा नेता शाफे जुबेरी ने कहा कि यदि अखिलेश यादव को जल्द रिहा नहीं किया गया तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।
बाराबंकी में प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल पूरी तरह तैनात रहा। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन सपा नेताओं ने संकेत दिए हैं कि आगे भी विरोध प्रदर्शन जारी रह सकता है।