बेरोजगारी की बात पर भड़का बेटा, गुस्से में उठाई कुल्हाड़ी और कर दी पिता की हत्या, मौके से हुआ फरार

बेरोजगारी की बात पर भड़का बेटा, गुस्से में उठाई कुल्हाड़ी और कर दी पिता की हत्या, मौके से हुआ फरार
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रविवार रात भोपाल के सुखी सेवनिया थाना क्षेत्र में पिता-बेटे के बीच नौकरी को लेकर हुआ विवाद बेहद खौफनाक मोड़ पर पहुंच गया. आरोप है कि 30 साल के धर्मेंद्र नाथ ने अपने 50 साल के पिता फूलसिंह नाथ पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया. गंभीर चोट लगने से फूलसिंह की मौके पर ही मौत हो गई.

पिता को मौत के घाट उतारने के बाद आरोपी बेटा वहां से भाग निकला. बता दें कि बेटा पहले जेल भी जा चुका है. अब पुलिस बेटे की तलाश कर रही है. वहीं, बेटे पर हत्या का केस दर्ज कर लिया है.

क्या है मामला?

पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान फूलसिंह नाथ के रूप में हुई है. वह अपनी पत्नी गुड्डी बाई और बेटे धर्मेंद्र नाथ के साथ भदभदा गांव के बंजारा टोला में रहता था. पत्नी की शिकायत के अनुसार फूलसिंह बेटे के बेरोजगार रहने से परेशान थे और उसे बार-बार कोई काम शुरू करने के लिए समझाते थे. इसी वजह से दोनों के बीच आए दिन विवाद होता था. रविवार रात करीब साढ़े 9 बजे भी पिता ने धर्मेंद्र को नौकरी करने की बात कही. इसी दौरान उन्होंने पत्नी से उसे खाना नहीं देने की बात कही, जिससे धर्मेंद्र काफी नाराज हो गया.

बेटे ने कुल्हाड़ी से किया पिता पर हमला

बताया जा रहा है कि खाना खत्म करने के बाद फूलसिंह अपनी झोपड़ी में आराम करने चला गया. इसी दौरान धर्मेंद्र कुल्हाड़ी लेकर उनके पास पहुंचा और अचानक हमला कर दिया. उसने पिता पर कई बार वार किए, जिससे उनके हाथ, पैर और पीठ पर गंभीर चोटें आईं. ज्यादा खून बहने और गहरी चोटों की वजह से फूलसिंह ने वहीं दम तोड़ दिया.

क्या आरोपी पकड़ा गया?

हमले के बाद धर्मेंद्र मौके से निकल गया. घटना की खबर मिलते ही पुलिस वहां पहुंची और फूलसिंह को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके. पुलिस ने मामले को हत्या मानते हुए केस दर्ज कर लिया है और आरोपी बेटे की तलाश शुरू कर दी है. फिलहाल पुलिस परिवार के लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि विवाद की असली वजह और वारदात से जुड़ी बाकी कड़ियों का पता लगाया जा सके.

फूलसिंह पर कौन-सा केस था दर्ज?

फूलसिंह का विवादों से पुराना नाता रहा था. वन्यजीव से जुड़े एक मामले के बाद इलाके में लोग उन्हें ‘शेर का शिकारी’ कहने लगे थे. बताया जाता है कि उनके लगाए फंदे में एक तेंदुआ फंस गया था, जिसकी जान चली गई. इसके बाद वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ और करीब छह महीने पहले ही वह जेल से बाहर आया था.

बेटा धर्मेंद्र क्यों गया था जेल?

दूसरी ओर, उनके बेटे धर्मेंद्र पर भी जंगली जानवरों के शिकार से जुड़ा मामला दर्ज था. वह भी अपने पिता के आसपास ही समय पर जेल से रिहा हुआ था. इसके बाद रविवार रात हुई वारदात ने पूरे परिवार को हिला दिया.

ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं।

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