गर्लफ्रेंड को हुआ कैंसर, इलाज के लिए चोर बन गया NEET का छात्र, 25 लाख के गहनों के साथ किया गिरफ्तार, पढ़ें पूरी पूरी क्राइम कुंडली!

गर्लफ्रेंड को हुआ कैंसर, इलाज के लिए चोर बन गया NEET का छात्र, 25 लाख के गहनों के साथ किया गिरफ्तार, पढ़ें पूरी पूरी क्राइम कुंडली!
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Agra Train Theft Case: अपराध की दुनिया में एंट्री करने वाले हर क्रिमिनल की कोई न कोई मजबूरी या लालच होता है। लेकिन उत्तर प्रदेश के आगरा से जो क्राइम स्टोरी सामने आई है वह किसी बॉलीवुड सस्पेंस थ्रिलर से कम नहीं है। डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करने का सपना देखने वाला एक पढ़ा-लिखा नौजवान आखिर ट्रेनों का शातिर चोर कैसे बन गया? यह कहानी है पीलीभीत के रहने वाले पुनीत की जो एक आर्मी बैकग्राउंड वाले परिवार से आता है। गर्लफ्रेंड के कैंसर ने न सिर्फ उसके डॉक्टर बनने के सपने को खत्म कर दिया बल्कि उसे एक ऐसे दलदल में धकेल दिया जहां से निकलना नामुमकिन हो गया।

कैसे एक होनहार छात्र बना 29 मुकदमों वाला अपराधी

पुनीत के पिता सेना में सूबेदार हैं और उसकी बहन एक कामयाब डॉक्टर है। खुद पुनीत ने भी साल 2017 में मेडिकल एंट्रेंस (NEET) की परीक्षा दी थी। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

नीट में असफलता के ठीक बाद उसकी गर्लफ्रेंड को कैंसर डिटेक्ट हो गया। अपनी पार्टनर की जान बचाने के लिए पुनीत ने पानी की तरह पैसा बहाया। महंगे इलाज के चलते उस पर लाखों रुपये का कर्ज चढ़ गया। आर्थिक दबाव, करियर का तनाव और कर्जदारों के तकाजे ने उसे अपराध के रास्ते पर ला खड़ा किया। साल 2019 से उसने अपनी ऐश की जिंदगी और कर्ज चुकाने के लिए ट्रेनों में चोरी करना शुरू कर दिया।

जीआरपी के खुलासे ने उड़ाए होश

चोरी के पैसों से पुनीत ने साल 2020 में लखनऊ में एक हुक्का बार खोला। उसे लगा कि वह क्राइम छोड़कर एक सेटल बिजनेस कर लेगा। लेकिन कोरोना महामारी और लॉकडाउन ने उसका हुक्का बार हमेशा के लिए बंद करवा दिया। इस घाटे ने उस पर कर्ज का बोझ और बढ़ा दिया।

सीओ जीआरपी राजेश दीक्षित के मुताबिक हाल ही में अगस्त महीने में मथुरा और फरवरी में आगरा कैंट स्टेशन पर महिलाओं के बैग से लाखों के गहने चोरी हुए थे। पुलिस ने जांच शुरू की तो सुई पुनीत और उसके साथी आकाश पर जाकर रुकी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर उनके पास से 25 लाख रुपये के सोने के आभूषण बरामद किए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि पुनीत पहले भी तीन बार जेल जा चुका है और उस पर अब तक 29 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।

पुलिस की आंखों में धूल झोंकने का शातिर ‘मोडस ऑपरेंडी’

पुनीत और आकाश का काम करने का तरीका (Modus Operandi) बेहद प्रोफेशनल था। वे पुलिस से बचने के लिए एक रूट पर सिर्फ एक ही बार वारदात को अंजाम देते थे। उनके रडार पर हमेशा एसी कोच में सफर कर रही बुजुर्ग महिलाएं रहती थीं जो अपने गहने बड़े बैग के अंदर किसी छोटे पर्स में रखती थीं।

ट्रेन में चढ़ते समय जब दरवाजे पर भीड़ होती थी तब आकाश चालाकी से बैग की चेन खोलकर पर्स निकाल लेता था। इसके तुरंत बाद वह पर्स प्लेटफॉर्म पर खड़े पुनीत को पकड़ा देता था। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। शक से बचने के लिए आकाश ट्रेन के गेट से पुनीत को ऐसे हाथ हिलाकर बाय-बाय करता था जैसे पुनीत कोई रिश्तेदार हो जो उसे स्टेशन छोड़ने आया हो। इस ट्रिक के कारण किसी भी यात्री को उन पर रत्ती भर भी शक नहीं होता था।

इस पूरी कहानी का सबसे दुखद पहलू यह है कि जिस गर्लफ्रेंड को बचाने के लिए पुनीत ने अपराध की दुनिया में कदम रखा एक साल पहले कैंसर से उसकी मौत हो चुकी है। आज पुनीत के पास न अपना प्यार है, न डॉक्टर बनने का करियर और न ही परिवार की इज्जत।

FAQ

Q. आगरा जीआरपी ने किन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है?

A. पुलिस ने ट्रेनों में चोरी करने वाले पुनीत और आकाश नाम के दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनसे 25 लाख के सोने के गहने बरामद हुए हैं।

Q. पुनीत ने डॉक्टर बनने का सपना छोड़कर चोरी क्यों शुरू की?

A. पुनीत की गर्लफ्रेंड को कैंसर हो गया था। उसके इलाज में उस पर लाखों रुपये का कर्ज हो गया था, जिसे चुकाने के लिए उसने चोरी का रास्ता चुना।

Q. आरोपी ट्रेन में चोरी की घटना को कैसे अंजाम देते थे?

A. दोनों भीड़भाड़ का फायदा उठाकर एसी कोच में चढ़ने वाली महिलाओं के बैग से पर्स निकालते थे। शक से बचने के लिए आकाश ट्रेन से पुनीत को बाय-बाय करता था, जिससे लगता था कि वह उसे सिर्फ छोड़ने आया है।

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