Quick Samachar: जून में अमेरिका से भारत का लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस का इंपोर्ट 1 मिलियन मीट्रिक टन से ज्यादा हो जाएगा, जो एक रिकॉर्ड है. वास्तव में मिडिल ईस्ट से सप्लाई में रुकावट के कारण नई दिल्ली को ज्यादा कीमत वाले अमेरिकी सप्लायर्स का रुख करना पड़ा है. मीडिया रिपोर्ट में सूत्रो के हवाले से कहा गया है कि ईरान पर अमेरिकाइजराइल के तनाव और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से पहले, भारत अपने एलपीजी इंपोर्ट का 90 फीसदी हिस्सा मिडिल ईस्ट के प्रोड्यूसर्स से मंगाता था, जो कुल मिलाकर लगभग 2 मिलियन टन प्रति माह था.

भारतीय स्टोव में जलेगी अमेरिका की गैस! जून में अमेरिकी LPG इंपोर्ट तोड़ेगा सारे रिकॉर्ड​

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल में स्ट्रेट की नाकेबंदी के कारण LPG का इंपोर्ट घटकर 696,000 टन रह गया था. हालांकि, आंकड़ों से पता चलता है कि मई में इंपोर्ट बढ़कर 1.15 मिलियन टन हो गया. रुकावट से पहले, नई दिल्ली ने वाशिंगटन के साथ व्यापार को संतुलित करने की कोशिश के तहत अमेरिका से LPG की खरीद को कुल इंपोर्ट का लगभग 10 फीसदी तक बढ़ाने की योजना बनाई थी.

ताकि बनी रहे कुकिंग गैस की सप्लाई

खरीद की जानकारी रखने वाले एक ट्रेड सोर्स ने मीडिया रिपोर्ट में कहा कि जलमार्ग बंद होने से अमेरिका से स्पॉट बाइंग में तेजी आई. भारतीय रिफाइनर्स ने भारी स्पॉट मार्केट प्रीमियम पर बहुत बड़ी मात्रा में LPG खरीदी. ताकि कुकिंग गैस की सप्लाई लगातार बनी रहे. भारत ने रिफाइनरों से LPG का प्रोडक्शन ज्यादा से ज्यादा करने, घरों में LPG की बिक्री को प्राथमिकता देने और पाइप वाली गैस कनेक्शन के विस्तार में तेजी लाने के लिए भी कहा. सूत्रों में से एक ने बताया कि इन कोशिशों से भारत की LPG खपत में 15 फीसदी से 20 फीसदी की कमी आनी शुरू हो गई है.

कहां कहां से भारत आएगी एलपीजी

भारतीय रिफाइनरों के दो सूत्रों ने बताया कि जून में भारत को अमेरिका से लगभग 1.1 मिलियन से 1.2 मिलियन टन LPG मिलने की उम्मीद है, जबकि इस महीने संयुक्त अरब अमीरात से सप्लाई भी सुधरकर लगभग 300,000 से 400,000 टन तक पहुंच गई है. सूत्रों ने बताया कि UAE ने ओमान के सोहर पोर्ट से ‘फ्रीऑनबोर्ड’ आधार पर LPG कार्गो की पेशकश की, जिसकी कीमत सऊदी CP कीमतों से लगभग 100 डॉलर प्रति टन ज्यादा थी.

उन्होंने यह भी बताया कि अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी ने चार से पांच ऐसे जहाज लगाए हैं जो सोहर पोर्ट तक LPG पहुंचाते हैं. मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि भारतीय रिफाइनर्स को जून में कुवैत से भी लगभग 45,000 टन LPG मिलेगी. सूत्रों ने आगे कहा कि स्ट्रेट के आंशिक रूप से खुलने से आने वाले महीनों में मध्य पूर्व से LPG की सप्लाई बेहतर होगी, जिससे कीमतें कम करने में मदद मिलेगी.

क्या कहते हैं Kpler के आंकड़े

Kpler के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने मई में अमेरिका से 648,300 टन और UAE से 134,700 टन LPG का आयात किया. Kpler के आंकड़ों से पता चलता है कि ईरान से आयात मुख्य रूप से उन छोटी कंपनियों द्वारा जिनका अमेरिका से न के बराबर संबंध है 145,000 टन रहा, जबकि सऊदी अरब, ओमान और कतर जैसे अन्य पारंपरिक आपूर्तिकर्ताओं से शिपमेंट सीमित रहे.

Kpler के जून के शुरुआती आंकड़ों से संकेत मिलता है कि भारत अमेरिका से लगभग 1.07 मिलियन टन, यूएई से लगभग 223,800 टन, ईरान से 116,200 टन और कुवैत से 108,600 टन LPG का आयात करने वाला है. साथ ही ओमान, सऊदी अरब, अल्जीरिया, कतर और नाइजीरिया से भी कुछ मात्रा में आयात की उम्मीद है.