भुवनेश्वर कुमार को आज भी है इस एक बात का मलाल, कहा “ऐसा कर पाता तो बदल सकता था करियर​

भुवनेश्वर कुमार को आज भी है इस एक बात का मलाल, कहा “ऐसा कर पाता तो बदल सकता था करियर​

भारतीय क्रिकेट में अपनी स्विंग गेंदबाजी से खास पहचान बनाने वाले भुवनेश्वर कुमार ने टीम इंडिया के लिए लंबे समय तक अहम भूमिका निभाई। नई गेंद से गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की उनकी कला ने कई बल्लेबाजों को परेशान किया। हालांकि अपने करियर को पीछे मुड़कर देखने पर भुवनेश्वर को एक बात का मलाल है।

बल्लेबाजी पर नहीं दे पाए ज्यादा ध्यान

भुवनेश्वर कुमार ने बताया कि उन्हें अपने करियर के दौरान बल्लेबाजी पर ज्यादा काम नहीं कर पाने का अफसोस है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उनका मानना है कि अगर उन्होंने बल्लेबाजी को भी उतनी ही गंभीरता से लिया होता, तो उनके करियर की दिशा कुछ अलग हो सकती थी।

भुवनेश्वर ने शुरुआती दौर में बल्ले से भी उपयोगी पारियां खेली थीं। वह निचले क्रम में टीम के लिए रन बनाने की क्षमता रखते थे, लेकिन गेंदबाजी उनकी मुख्य जिम्मेदारी होने के कारण बल्लेबाजी पर उतना ध्यान नहीं दे सके।

शुरुआत में ऑलराउंडर बनने का था सपना

भुवनेश्वर कुमार का क्रिकेट सफर भी दिलचस्प रहा है। घरेलू क्रिकेट में उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से योगदान दिया था। शुरुआती दिनों में उन्हें एक उपयोगी ऑलराउंडर के रूप में भी देखा जाता था। लेकिन जैसेजैसे उनका करियर आगे बढ़ा, उनकी पहचान मुख्य रूप से तेज गेंदबाज के तौर पर बनती चली गई। उन्होंने अपनी स्विंग गेंदबाजी को मजबूत किया और भारतीय टीम में अपनी जगह बनाई।

गेंदबाजी ने दिलाई अलग पहचान

भुवनेश्वर कुमार ने भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में क्रिकेट खेला है। खासकर सीमित ओवरों के क्रिकेट में वह लंबे समय तक टीम इंडिया के प्रमुख तेज गेंदबाजों में शामिल रहे। उनकी सबसे बड़ी ताकत शुरुआती ओवरों में स्विंग गेंदबाजी रही। यही वजह है कि उन्हें नई गेंद से गेंदबाजी करने वाले भारत के प्रमुख गेंदबाजों में गिना गया।

अगर भुवनेश्वर अपने करियर के शुरुआती दौर में बल्लेबाजी पर भी ज्यादा ध्यान दे पाते, तो शायद उनके खेल में एक और मजबूत पक्ष जुड़ सकता था। हालांकि उनकी गेंदबाजी ने उन्हें भारतीय क्रिकेट में एक खास पहचान जरूर दिलाई।

 

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