मध्यप्रदेश को मिलेगा नया मुख्य सचिव: CS अनुराग जैन नीति आयोग के CEO नियुक्त, 30 सितंबर को होंगे CS के पद से रिटायर

मध्यप्रदेश को मिलेगा नया मुख्य सचिव: CS अनुराग जैन नीति आयोग के CEO नियुक्त, 30 सितंबर को होंगे CS के पद से रिटायर

Anurag Jain: मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन नीति आयोग के नए CEO होंगे। केंद्र सरकार ने आदेश जारी किया है। अब मध्यप्रदेश में जल्द ही नए मुख्य सचिव की नियुक्ति होगी।

मध्यप्रदेश को मिलेगा नया मुख्य सचिव: CS अनुराग जैन नीति आयोग के CEO नियुक्त, 30 सितंबर को होंगे CS के पद से रिटायर

आदेश

केंद्र सरकार ने सौंपी नई जिम्मेदारी

मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को केंद्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी देते हुए नीति आयोग का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया है। मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार अनुराग जैन पदभार ग्रहण करने की तारीख से अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।

30 सितंबर 2026 को CS के पद से रिटायर होंगे अनुराग जैन

अनुराग जैन वर्तमान में मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव हैं। वे 3 अक्टूबर 2024 से इस पद पर कार्य कर रहे हैं। उनका मौजूदा कार्यकाल 30 सितंबर 2026 तक है। इससे पहले अगस्त 2025 में उन्हें एक साल का सेवा विस्तार दिया गया था। पिछले कुछ समय से उन्हें मुख्य सचिव के रूप में दूसरा सेवा विस्तार मिलने की चर्चा चल रही थी, लेकिन नीति आयोग के CEO पद पर नियुक्ति के बाद इन अटकलों पर विराम लग गया है।

1989 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं अनुराग जैन

अनुराग जैन मध्य प्रदेश कैडर के 1989 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है और अमेरिका के MIT से डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स में माइक्रोमास्टर्स की पढ़ाई की है। अपने प्रशासनिक करियर में वे भोपाल कलेक्टर, वित्त विभाग में वरिष्ठ पदों, मुख्यमंत्री के सचिव, प्रधानमंत्री कार्यालय में संयुक्त सचिव और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव सहित कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। PM गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान को लागू करने में उनकी भूमिका भी काफी चर्चा में रही है।

ये खबर भी पढ़ें: 

2 साल तक संभालेंगे नीति आयोग की कमान

सरकारी आदेश के अनुसार अनुराग जैन की नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगी। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। वे अपने स्वीकृत सेवा विस्तार की अवधि पूरी होने के बाद भी 2 साल या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, नीति आयोग के CEO के रूप में कार्य करेंगे। उनकी सेवा शर्तें पूर्व CEO के समान रहेंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *