
शिवगढ़,रायबरेली। रायबरेली के शिवगढ़ क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय बैंती द्वितीय में दो जर्जर और क्षतिग्रस्त अतिरिक्त कक्ष बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं। विद्यालय प्रबंधन समिति और अभिभावकों ने इन भवनों को तत्काल ध्वस्त कर नए अतिरिक्त कक्ष, रसोईघर और अलग आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण की मांग की है।
विद्यालय परिसर में मौजूद ये अतिरिक्त कक्ष लंबे समय से उपयोग में नहीं हैं और पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। इन्हीं भवनों के बीच से नवनिर्मित शौचालय तक जाने का रास्ता है, जिससे हर दिन बच्चों के लिए दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
93 छात्रछात्राओं की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक कुल 93 छात्रछात्राएं अध्ययनरत हैं। जर्जर भवनों के कारण कई बच्चे शौचालय तक जाने से बचते हैं और खुले में जाने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में झाड़ियों और घास के बीच जहरीले जीवजंतुओं का खतरा भी बना रहता है। इसी वजह से कई अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर चिंतित हैं।
एक ही भवन में चल रही कई व्यवस्थाएं
वर्तमान में नए विद्यालय भवन में केवल एक कार्यालय, दो कक्ष और एक बरामदा उपलब्ध है। इसी भवन में कक्षाओं का संचालन हो रहा है। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र बैंती तृतीय भी संचालित है और इसी परिसर में मध्यान्ह भोजन भी तैयार किया जाता है। सीमित संसाधनों के कारण शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होने की बात भी सामने आई है।
अभिभावकों ने रखीं ये प्रमुख मांगें
एसएमसी अध्यक्ष हाजरा सहित अभिभावकों विजय जायसवाल, राजाराम, रोशनी, सबीना और रूबी ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि जर्जर अतिरिक्त कक्षों और पुराने रसोईघर को ध्वस्त किया जाए, नए अतिरिक्त कक्षों का निर्माण कराया जाए, अलग, आंगनबाड़ी केंद्र बनाया जाए, नया रसोईघर तैयार कराया जाए, बच्चों के लिए टेबलबेंच सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
बीईओ ने दिया कार्रवाई का भरोसा
विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका शिखा गुप्ता ने बताया कि जर्जर भवनों की स्थिति से संबंधित पत्र पहले ही खंड शिक्षा अधिकारी को भेजा जा चुका है।
वहीं खंड शिक्षा अधिकारी ऋचा सिंह ने बताया कि उन्होंने विद्यालय का निरीक्षण किया है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उनके अनुसार पुराने अतिरिक्त कक्ष अव्यवस्थित तरीके से बनाए गए थे, जिससे वर्तमान में समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।