
रायबरेली। जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने विशेष अभियान तेज कर दिया है। परिवहन आयुक्त के निर्देश पर एआरटीओ प्रशासन की ओर से स्कूल वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों की जांच लगातार की जा रही है। पिछले करीब 70 दिनों में 800 वाहनों की फिटनेस जांच पूरी की जा चुकी है।
एआरटीओ प्रशासन अरविंद कुमार यादव के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना और स्कूल वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का शतप्रतिशत पालन सुनिश्चित करना है।
1,247 स्कूल वाहन पोर्टल पर दर्ज, 290 की फिटनेस पूरी
विभाग की प्रवर्तन और प्रशासनिक टीम ने जिले के विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर स्कूली वाहनों का सत्यापन किया। इस दौरान 1,247 स्कूल वाहनों को पोर्टल पर ऑनबोर्ड किया गया। वहीं करीब 900 वाहनों का भौतिक निरीक्षण किया गया, जिनमें से 290 वाहनों की फिटनेस प्रक्रिया पूरी की गई।
जिन वाहनों में सुरक्षा संबंधी कमियां पाई गईं, उन्हें फिटनेस प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया।
सुरक्षा मानकों पर कोई समझौता नहीं
एआरटीओ प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सीसीटीवी कैमरा, सुरक्षा जाली, प्राथमिक उपचार किट, अग्निशमन यंत्र और अन्य अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों के बिना किसी भी स्कूल वाहन को फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं दिया जाएगा।
यदि कोई विद्यालय या वाहन संचालक बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के वाहन चलाता पाया गया तो वाहन को सीज करने सहित नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दोहरे सत्यापन के बाद ही मिल रही फिटनेस मंजूरी
गोराबाजार मैदान स्थित फिटनेस केंद्र पर वाहनों की जांच की नियमित निगरानी की जा रही है। फिटनेस प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाती है। पहले वाहन की तकनीकी जांच की जाती है, फिर कार्यालय में सभी दस्तावेजों और मानकों का दोबारा सत्यापन किया जाता है।
एआरटीओ अरविंद कुमार यादव ने बताया कि यदि वह किसी दिन मौके पर मौजूद नहीं रहते हैं तो वीडियो कॉल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया की निगरानी करते हैं और पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही फिटनेस को अंतिम स्वीकृति दी जाती है।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और सुरक्षा मानकों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।