Sitarganj News: उधमसिंह नगर जिले की सितारगंज तहसील में रिश्वतखोरी के खिलाफ विजिलेंस की कार्रवाई के बाद भारी हंगामा और गतिरोध पैदा हो गया है. बुधवार दोपहर करीब 3:45 बजे तहसील के संग्रह कक्ष में घूस लेते रंगे हाथों पकड़े गए दो कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद साथी तहसील कर्मियों ने पूरी इमारत के मुख्य गेट पर ताले जड़ दिए. इसके चलते विजिलेंस की टीम और गिरफ्तार आरोपी करीब 20 घंटे से अधिक समय तक अंदर ही बंद रहे.

विजिलेंस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद ठोस साक्ष्यों के आधार पर यह ट्रैप कार्रवाई की गई. विजिलेंस की टीम ने संग्रह अमीन मदन शर्मा और तहसील के बड़े बाबू उपेंद्र राणा को रिश्वत की राशि लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया. सतर्कता विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कर्मचारियों के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने के बाद ही पारदर्शी तरीके से यह कार्रवाई की गई थी.
तहसील बनी पुलिस छावनी, गेट पर ताला जड़कर बनाया बंधक
जैसे ही विजिलेंस टीम ने सेकंड फ्लोर स्थित संग्रह कक्ष में कार्रवाई शुरू की, नीचे मौजूद तहसील कर्मियों में आक्रोश फैल गया. गुस्साए तहसील कर्मियों ने विजिलेंस टीम को बाहर निकलने से रोकने के लिए तहसील परिसर के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया. बुधवार दोपहर करीब 3:45 बजे शुरू हुआ यह ड्रामा अगले दिन तक जारी रहा. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। 20 घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी कर्मियों ने गेट नहीं खोला, जिससे टीम अंदर ही फंसी रही.
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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बीती रात ही पूरा तहसील परिसर पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया. पुलिस प्रशासन की कई कोशिशों और मध्यस्थता के बावजूद तहसील कर्मी ताला खोलने को तैयार नहीं हुए.
आरोपोंप्रत्यारोपों के बीच तनाव चरम पर
घटना के बाद तहसील प्रशासन और विजिलेंस विभाग आमनेसामने आ गए हैं. तहसील कर्मियों का कहना है कि विजिलेंस की यह कार्रवाई गलत और एकतरफा है. वे अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं. मामले को तूल पकड़ता देख जिलेभर से राजस्व कर्मी और पटवारी संघ के सदस्य सितारगंज तहसील पहुंचने लगे हैं. विजिलेंस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार और पुख्ता सबूतों के आधार पर की गई है.