Quick Samachar: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 15 जून को पहली कमर्शियल फ्लाइट की लैंडिंग के साथ ही क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों, निवेश और रोजगार के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त हो गया है. करीब 11,200 करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह एयरपोर्ट अब केवल हवाई यात्रा का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर में लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, औद्योगिक क्लस्टर और बिजनेस हब के रूप में व्यापक आर्थिक इकोसिस्टम विकसित करेगा.

वैश्विक मॉडल्स की तर्ज पर यह क्षेत्र एयरोसिटी के रूप में विकसित हो रहा है, जहां एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ लॉजिस्टिक्स पार्क, इंडस्ट्रियल जोन, बिजनेस डिस्ट्रिक्ट और रेजिडेंशियल टाउनशिप का तेजी से विस्तार हो रहा है बेहतर कनेक्टिविटी, फ्रेट कॉरिडोर और मल्टीमोडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के कारण निवेश आकर्षण और बढ़ेगा.
3 गुना तक बढ़ी कीमतें
रियल एस्टेट सेक्टर में इसका असर साफ दिख रहा है रिपोर्ट्स के अनुसार, 2020 से 2025 के बीच यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर में अपार्टमेंट की कीमतें लगभग तीन गुना तक बढ़ चुकी हैं, जबकि प्लॉट की कीमतों में औसतन 1.5 गुना वृद्धि दर्ज की गई है. कुछ माइक्रोमार्केट्स में कीमतों में 5 गुना तक उछाल देखने को मिला है. आने वाले समय में यह तेजी जारी रहने की उम्मीद है. अनुमान है कि अगले दो वर्षों में प्लॉट की कीमतों में करीब 28% और अपार्टमेंट की कीमतों में 22% तक और वृद्धि हो सकती है. एयरपोर्ट के 15 किलोमीटर के दायरे में स्थित सेक्टर, खासतौर पर यमुना एक्सप्रेसवे का सेक्टर 22, हाउसिंग डिमांड का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है, जहां कई बड़े डेवलपर्स ने इंटीग्रेटेड टाउनशिप और रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट लॉन्च किए हैं. वर्तमान में इस क्षेत्र में 3BHK अपार्टमेंट की कीमत करीब 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपये के बीच है, जबकि करीब 600 वर्गफुट के स्टूडियो अपार्टमेंट लगभग 85 लाख रुपये में उपलब्ध हैं.
लंबी अवधि में 1213% तक रिटर्न देने की क्षमता
जानकारों का मानना है कि लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और औद्योगिक विकास के चलते बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होगा, जिससे आवासीय मांग को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी निवेशकों के लिए यह बाजार लंबी अवधि में 1213% तक वार्षिक रिटर्न देने की क्षमता रखता है, हालांकि इसके लिए 5 से 7 साल का निवेश दृष्टिकोण जरूरी होगा. रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि एयरपोर्ट के संचालन से नोएडाग्रेटर नोएडा निवेशकों, उद्योगों और पेशेवरों के लिए और अधिक आकर्षक गंतव्य बनेंगे दिनेश गुप्ता, प्रेसिडेंट, क्रेडाई वेस्टर्न यूपी ने कहानोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पूरे यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र के लिए रोजगार और आर्थिक विकास का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक पार्क, लॉजिस्टिक्स हब, वेयरहाउसिंग क्लस्टर, डाटा सेंटर और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स विकसित हो रही हैं, जिससे आने वाले वर्षों में हजारों नए रोजगार सृजित होंगे यीडा के अनुमानों के अनुसार ही आगामी औद्योगिक परियोजनाओं से 50 हजार से अधिक नौकरियां पैदा होने की संभावना है रोजगार बढ़ने के साथ किफायती, मध्यम आय वर्ग और लग्जरी आवासों की मांग में तेजी आएगी बढ़ती कार्यशक्ति और कारोबारी गतिविधियों को देखते हुए डेवलपर्स नए आवासीय, वाणिज्यिक और मिश्रित उपयोग वाले प्रोजेक्ट लॉन्च करेंगे.
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और पूरे एनसीआर को मिलेगा लाभ
राकेश सिंघल, संस्थापक, श्री केबी ग्रुप के अनुसार,नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का प्रभाव केवल यमुना एक्सप्रेसवे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और पूरे एनसीआर को इसका लाभ मिलेगा एयरपोर्ट के आसपास उद्योगों, कारोबार और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के आने से क्षेत्रभर में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे इससे यमुना एक्सप्रेसवे के साथसाथ नोएडा एक्सप्रेसवे और ग्रेटर नोएडा में भी आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं की मांग बढ़ेगी पेशेवरों, उद्यमियों और निवेशकों की जरूरतों को देखते हुए नए बिजनेस पार्क, कमर्शियल प्रोजेक्ट और इंटीग्रेटेड टाउनशिप विकसित होने की संभावना है. हिमांशु गर्ग, निदेशक, आरजी ग्रुप कहते हैं.नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेसवे को विश्वस्तरीय रियल एस्टेट और बिजनेस डेस्टिनेशन में बदलने की प्रक्रिया को तेज कर रहा है औद्योगिक क्लस्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सुविधाएं, लॉजिस्टिक्स पार्क और टेक्नोलॉजी हब दीर्घकालिक आर्थिक विकास की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं जैसेजैसे रोजगार के अवसर और कॉर्पोरेट निवेश बढ़ेंगे, प्रीमियम हाउसिंग, लग्जरी अपार्टमेंट, स्टूडियो रेजिडेंस और उच्च गुणवत्ता वाले व्यावसायिक स्पेस की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होगी डेवलपर्स आवासीय, रिटेल और ऑफिस सेगमेंट में नए अवसरों की तलाश कर रहे हैं.
सबसे गतिशील रियल एस्टेट बाजारों में शामिल
सुरेश गर्ग, सीएमडी, निराला वर्ल्ड के अनुसार,एयरपोर्ट आधारित विकास मॉडल रियल एस्टेट सेक्टर में मजबूत मल्टीप्लायर प्रभाव पैदा कर रहा है प्रत्यक्ष रोजगार के साथसाथ लॉजिस्टिक्स, हॉस्पिटैलिटी, रिटेल, वेयरहाउसिंग और अन्य सहयोगी सेवाओं में बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार भी सृजित होंगे इससे आवासीय परियोजनाओं, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और आधुनिक बिजनेस पार्कों की मांग मजबूत होगी. बेहतर कनेक्टिविटी और उद्योगों की बढ़ती मौजूदगी के साथ संपत्तियों की मांग में निरंतर वृद्धि और नए प्रोजेक्ट्स के लॉन्च होने की उम्मीद है. यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर अगले दशक में एनसीआर के सबसे गतिशील रियल एस्टेट बाजारों में शामिल हो सकता है. अश्वनी नागपाल, सीओओ, डिलीजेंट बिल्डर्स के अनुसार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए हवाई यात्रा का एक नया ज़रिया और इस इलाके में बदलाव लाने वाला एक अहम कारक बनेगा यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर की पूरी क्षमता का अभी इस्तेमाल होना बाकी है, और यह एयरपोर्ट नए शहरी केंद्रों, बिज़नेस हब और निवेश के ठिकानों के विकास को तेज़ करेगा जैसेजैसे इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी बेहतर होगी, नए माइक्रोमार्केट उभरेंगे, जो घरेलू और ग्लोबल निवेशकों को आकर्षित करेंगे इससे होने वाली आर्थिक गतिविधियों से न सिर्फ यमुना एक्सप्रेसवे इलाके को फायदा होगा, बल्कि पूरे NCR रियल एस्टेट मार्केट में सकारात्मक विकास की लहर भी आएगी.
मज़बूत आर्थिक इकोसिस्टम बनने की राह पर
शैलेन्द्र शर्मा, चेयरमैन, रेनॉक्स ग्रुप का मानना है कि लंबे समय में, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के इलाके बिज़नेस और निवेशकों के लिए पसंदीदा जगहें बन जाएंगे मज़बूत इंफ्रास्ट्रक्चर, आने वाली मेट्रो और रैपिड रेल कनेक्टिविटी, और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट व इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक आसान पहुँच इस इलाके की मांग को बढ़ाएगी. जैसेजैसे और कंपनियाँ यहाँ अपना काम शुरू करेंगी, अच्छी क्वालिटी वाले घरों और कमर्शियल जगहों की मांग में काफी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, क्योंकि लोग अपने काम की जगह के पास रहना पसंद करते हैं. गीतांजलि खन्ना, एमडी, रीयरको प्रा. लि. ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का चालू होना इस इलाके के लिए एक अहम मोड़ है नोएडा और ग्रेटर नोएडा अब रियल एस्टेट पर आधारित बाज़ार से बदलकर एयरपोर्ट पर आधारित एक मज़बूत आर्थिक इकोसिस्टम बनने की राह पर हैं बेहतर कनेक्टिविटी इसका तुरंत मिलने वाला फ़ायदा होगा, लेकिन इसका बड़ा असर बड़े निवेश, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग में बढ़ोतरी, कारोबार के विस्तार, रोज़गार के मौक़े और आर्थिक गतिविधियों में तेज़ी के रूप में दिखेगा इससे रिहायशी, कमर्शियल और मिक्स्डयूज़ डेवलपमेंट की ज़बरदस्त मांग पैदा होगी, जो इस इलाके में विकास के अगले चरण को आगे बढ़ाएगी.
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