लखनऊ अग्निकांड के 32 दिन बाद कार्रवाई, 15 बच्चों की मौत वाली इमारत पर चला LDA का बुलडोजर

लखनऊ अग्निकांड के 32 दिन बाद कार्रवाई, 15 बच्चों की मौत वाली इमारत पर चला LDA का बुलडोजर

Lucknow Bulldozer Action Aliganj: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 22 जून को हुए भीषण अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उस व्यावसायिक इमारत को गिराना शुरू कर दिया, जिसमें आग लगने से 15 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई थी. आज सुबह करीब 7:30 बजे तीन बुलडोजर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मौके पर पहुंचे और ध्वस्तीकरण अभियान शुरू किया गया.

लखनऊ अग्निकांड के 32 दिन बाद कार्रवाई, 15 बच्चों की मौत वाली इमारत पर चला LDA का बुलडोजर

सुरक्षा व्यवस्था के तहत 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई, जबकि आसपास की सड़कों को बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया गया ताकि कार्रवाई बिना किसी बाधा के कार्रवाई पूरी की जा सके. यह कार्रवाई अलीगंज स्थित उषा मेहता मार्ग के उस कमर्शियल कॉम्प्लेक्स पर की जा रही है, जहां 22 जून की दोपहर करीब तीन बजे भीषण आग लगी थी.

15 बच्चों की हो गई थी मौत

आग ने देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया था. घना धुआं फैलने से कई लोग इमारत के अंदर फंस गए थे. जान बचाने के लिए कुछ लोगों को ऊंचाई से छलांग तक लगानी पड़ी, जबकि दमकल और बचाव दल ने हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म सहित अन्य उपकरणों की मदद से लोगों को बाहर निकाला था. इस हादसे में 15 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे.

जांच के बाद की गई कार्रवाई

हादसे के बाद मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया था. जांच में फायर सेफ्टी मानकों के गंभीर उल्लंघन सामने आए. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। जांच में पाया गया कि इमारत में आपातकालीन निकास की समुचित व्यवस्था नहीं थी और कई अन्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी, जिसके कारण हादसा और भी भयावह बन गया.

LDA ने जारी किया था नोटिस

जांच रिपोर्ट के आधार पर LDA ने भवन मालिकों को बिना अनुमति निर्माण और भूमि उपयोग नियमों के उल्लंघन का नोटिस जारी किया था. 10 जुलाई को प्राधिकरण ने अवैध हिस्सों को 15 दिनों के भीतर स्वयं हटाने का आदेश दिया था. निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद भवन मालिकों ने आदेश का पालन नहीं किया.

इसके बाद आज LDA ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी. अधिकारियों का कहना है कि इमारत पूरी तरह ध्वस्त होने तक अभियान जारी रहेगा. प्रशासन का मानना है कि यह कार्रवाई भविष्य में भवन सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर सख्त संदेश देने के साथसाथ ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है.

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