
लखनऊ, अमृत विचार : अब जिले में भवन मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए अग्नि सुरक्षा पहली शर्त होगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण फायर एनओसी के दायरे में आने वाले सभी व्यावसायिक एवं सार्वजनिक भवनों का बिना वैध प्रमाण पत्र के मानचित्र स्वीकृत नहीं करेगा। शहर में आग की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए बुधवार को उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने आदेश जारी करके नई व्यवस्था लागू कर दी है। अलीगंज की घटना को देखते हुए ये कदम उठाया है।
उपाध्यक्ष ने बताया कि जिन भवनों के लिए नियमानुसार फायर एनओसी अनिवार्य है, उनका मानचित्र तभी जारी किया जाएगा, जब अग्निशमन विभाग द्वारा जारी वैध प्रमाण पत्र साथ में लगा हो। फायर एनओसी के बिना ऐसे किसी भी भवन का मानचित्र स्वीकृत नहीं हाेगा। इससे भवन निर्माण से पहले ही अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जा सकेगा। नई व्यवस्था में उप्र अग्नि सुरक्षा एवं आपात सेवा अधिनियम 2022 तथा उप्र अग्नि सुरक्षा एवं आपात सेवा नियमावली 2024 के प्रावधानों के अनुपालन को भी अनिवार्य किया है।
15 मीटर से कम ऊंचाई वाले भवनों के लिए देना होगा शपथ पत्र
कुछ वर्षों में 15 मीटर से कम ऊंचाई वाले व्यावसायिक एवं बहुमंजिला भवनों में अग्नि जनित घटनाएं बढ़ी हैं। ऐसे में अब निर्माण शुरू होने से पहले ही सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। खासतौर से उन भवनों में जहां लोगों का अधिक जुटाव होता है। 15 मीटर से कम ऊंचाई या 500 वर्गमीटर से कम क्षेत्रफल वाले होटल, स्कूल, अस्पताल, कोचिंग जैसे भवनों में फायर एनओसी भले ही अनिवार्य न हो, लेकिन मानचित्र स्वीकृत कराते समय भवन स्वामी को फायर/विद्युत सुरक्षा से सम्बंधित शपथ पत्र देना होगा। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। साथ ही मानचित्र स्वीकृति के तीन माह के अंदर या तो अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र या अग्निशमन विभाग से फायर ऑडिट कराना होगा। ऐसा न करने पर कार्रवाई की जाएगी।
इन भवनों पर लागू होंगे नियम
असेंबली, व्यावसायिक, संस्थागत, शैक्षणिक संस्थान, चिकित्सालय, होटल एवं गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट एवं बैन्क्वेट हाॅल, कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, बैंक, सिनेमा/थियेटर, जिम एवं विशेष उपयोग वाले अन्य भवन पर नियम लागू होंगे।