
मझगईं, अमृत विचार। तिकोना फार्म में शुक्रवार रात जंगली हाथियों के झुंड ने जमकर कहर बरपाया। हाथियों ने रातोंरात केला और गन्ने समेत कई एकड़ फसल रौंदकर नष्ट कर दी। लगातार फसलों को हो रहे नुकसान और हाथियों के आतंक से गुस्साए सैकड़ों किसान शनिवार को मझगई वन रेंज पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए अधिकारियों के सामने अपना आक्रोश जताया।
किसानों का कहना है कि पिछले कई सप्ताह से जंगली हाथियों का झुंड जंगल से निकलकर खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच रहा है। हाथी धान, गन्ना, केला समेत अन्य फसलों को रौंदकर किसानों की सालभर की मेहनत बर्बाद कर रहे हैं। रात में हाथियों के खेतों में पहुंचने से किसानों में दहशत है। कई किसान अपनी फसलों की रखवाली करने के लिए जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं। नाराज किसान बड़ी संख्या में मझगई रेंज कार्यालय पहुंचे। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। यहां उन्होंने नारेबाजी करते हुए वन विभाग से हाथियों को खेतों और गांवों की ओर आने से रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। किसानों ने एसडीएम पलिया पुष्कर कुमार को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित क्षेत्रों में वन विभाग की गश्त बढ़ाने, फसल नुकसान का राजस्व एवं कृषि विभाग से सर्वे कराने और शीघ्र मुआवजा दिलाने की मांग की।
किसानों ने जंगल के किनारे सौर ऊर्जा फेंसिंग कराने की भी मांग उठाई। उनका कहना था कि कई बार वन विभाग को हाथियों के मूवमेंट की सूचना दी जा चुकी है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। किसानों ने एसडीएम से शिकायत की कि हाथियों द्वारा फसल नष्ट किए जाने की सूचना देने के बावजूद क्षेत्रीय लेखपाल मौके पर नहीं पहुंचते। इस पर एसडीएम ने मौजूद लेखपालों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल नुकसान का सर्वे कराने के निर्देश दिए।
एसडीएम पुष्कर कुमार ने किसानों को आश्वस्त किया कि फसल नुकसान का आकलन कराकर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। साथ ही वन विभाग को सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसान शांत हुए। मझगई रेंजर अंकित सिंह ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 11 बजे तिकोना फार्म के पास खेतों में हाथियों के पहुंचने की सूचना मिली थी।
वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ दिया गया। समस्या के समाधान की मांग को लेकर किसान क्षेत्रीय विधायक रोमी साहनी के आवास पर भी पहुंचे किसान पहुंचे और उन्हें ज्ञापन सौंपकर स्थिति से अवगत कराया। इस दौरान जरनैल सिंह, बिट्टू सिंह, नरेंद्र सिंह, चरणजीत सिंह, गुरुप्रीत सिंह, भगत सिंह, शनि, सोनी सिंह, बलविंदर सिंह, मंजीत सिंह, हरप्रीत सिंह, नाजिम खां, शाहिद खां, छड़ी राम, फैयूम, यूनुस और ओमकार सिंह समेत कई किसान शामिल रहे।
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