
लखनऊ। लखनऊ में सेक्स रैकेट चलाने वाली उज्बेकिस्तान की लोला कायूमोवा (50) आखिरकार पकड़ी गई। वह एक साल से लखनऊ पुलिस को चकमा दे रही थी। पुलिस ने उसे मंगलवार रात (11 अगस्त) ओमेक्स आर-2 बिल्डिंग में छापेमारी कर पकड़ा और खुफिया एजेंसी को सौंप दिया।
लखनऊ पुलिस ने पिछले साल उसके रैकेट से जुड़ी 2 युवतियों को गिरफ्तार किया था। दोनों उज्बेकिस्तान की रहने वाली थीं। पूछताछ में लोला का नाम सामने आया था। इसके बाद से ही वह अंडरग्राउंड हो गई थी।
जांच में सामने आया था कि लोला ने जवान दिखने के लिए चेहरे, होंठ, अंडरआर्म्स और प्राइवेट पार्ट की 7 बार प्लास्टिक सर्जरी कराई थी। ये सभी सर्जरी लखनऊ के डॉ. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। विवेक गुप्ता ने की थीं।
अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझिए-
लखनऊ के ओमेक्स हजरतगंज अपार्टमेंट में 21 जून 2025 को पुलिस को सेक्स रैकेट चलने की सूचना मिली थी। छापेमारी में उज्बेकिस्तान की होलिडा और नीलोफर को गिरफ्तार किया गया। दोनों यहां अवैध रूप से रह रही थीं। पुलिस की जांच में सामने आया था कि फ्लैट डॉक्टर विवेक गुप्ता का है।
लोला इन दोनों युवतियों को भारत लेकर आई थी। होलिडा और नीलोफर ने पूछताछ में बताया था कि लोला कायूमोवा के जरिए उनकी मुलाकात पत्रकारपुरम और अहिमामऊ में मिनर्वा क्लीनिक चलाने वाले डॉ. विवेक गुप्ता से हुई थी। डॉ. विवेक गुप्ता ने दोनों की प्लास्टिक सर्जरी की थी।
यह उज्बेकिस्तानी लोला का पासपोर्ट है। लखनऊ में कथित पत्रकार त्रिजिन के साथ लिव-इन में रहकर उज्बेकिस्तानी लड़कियों से स्पा चलवाती थी।
लखनऊ में ठिकाना, दिल्ली तक सर्विस
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, लोला ने भारत आने के लिए सितंबर 2013 में पासपोर्ट बनवाया था। पुलिस की जांच में सामने आया था कि लोला और डॉ. विवेक की मुलाकात थाईलैंड में हुई थी। इसके बाद विवेक ही लोला को भारत लेकर आया था। शुरुआत में उसने दिल्ली-NCR में ठिकाना बनाया। वहां एजेंटों के जरिए सेक्स रैकेट से जुड़ गई।
इसके बाद लखनऊ में केरल के वरेनम निवासी कथित पत्रकार त्रिजिन से उसकी जान-पहचान हुई। 2014 में वह लखनऊ आ गई। त्रिजिन की मदद से स्पा सेंटर में काम करना शुरू किया। इसके बाद त्रिजिन के साथ लिव-इन में ओमेक्स आर-1 के फ्लैट नंबर 104 में रहने लगी। धीरे-धीरे उसने खुद का सेक्स रैकेट बना लिया।
इस दौरान लोला को समझ आया कि भारत में विदेशी युवतियों की मांग है। उसने इसे अपने रैकेट का तरीका बना लिया। वह युवतियों को भारत बुलाकर अपने सेक्स रैकेट में शामिल करने लगी। उसने उज्बेकिस्तान की युवतियों से संपर्क किया और उन्हें भारत में अच्छा पैसा कमाने का लालच दिया।
उसका रैकेट लखनऊ से दिल्ली तक चलता था। वह लड़कियों को लखनऊ और दिल्ली-NCR के स्पा सेंटर, होटल और फ्लैट में भेजती थी। रैकेट से जुड़ी लड़कियों से लोला कमीशन लेती थी। इससे उसने मोटी कमाई की। इसी पैसे से उसने ओमेक्स आर-1 में फ्लैट नंबर 1103 खरीद लिया था।