
वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य की संदिग्ध मौत का मामला गहराया. कैलिकुंज आश्रम में सख्ती बढ़ी, पुलिस तीन दर्जन से अधिक लोगों से कर रही पूछताछ. जानें पूरा सच.
Premanand Maharaj : वृंदावन में संत प्रेमानंद के शिष्य दीपक लोढ़ी उर्फ रसिक दुलारीशरण की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस जांच कर रही है. पुलिस घटना से जुड़े हर पहलू की पड़ताल कर रही है. वहीं, घटना के बाद कैलिकुंज आश्रम में भी सख्ती का माहौल है.
घटना के बाद आश्रम में बढ़ाई गई सख्ती
संत प्रेमानंद महाराज यमुना विहार गूंज में हैं, जबकि कैलिकुंज में घटना के बाद सख्ती बरती जा रही है. आश्रम के आसपास की गली में लोगों को बेवजह खड़े होने की अनुमति नहीं दी जा रही है. आश्रम से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही दीक्षित परिकरों के लिए नए नियम बनाए जा सकते हैं.
तीन दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ
रसिक दुलारीशरण की मौत के बाद जांच में जुटी पुलिस अब तक तीन दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। हालांकि, अभी तक पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि दुलारीशरण ने ऐसा कदम क्यों उठाया. आत्महत्या से पहले उन्होंने अपने प्राइवेट पार्ट को क्यों काटा, इसे लेकर भी जांच की जा रही है.
परिजनों ने आश्रम के जिम्मेदारों पर उठाए सवाल
मृतक के परिजनों ने आश्रम के जिम्मेदारों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. मृतक के भाई मनीष और जीजा सोनू का आरोप है कि आश्रम के जिम्मेदारों ने उन्हें धोखे में रखा. परिजनों के मुताबिक, जब उन्होंने ऑटो चालक से बात कराई तो उन्हें सीधे आश्रम लेकर आने के लिए कहा गया. इसके बाद वे आश्रम पहुंचे, लेकिन संत प्रेमानंद महाराज से उनका संपर्क नहीं हो पाया. परिजनों का कहना है कि शिष्य की दर्दनाक मौत के बावजूद महाराज आश्रम में अन्य लोगों से मिल रहे थे, लेकिन मृतक के परिजनों से बात नहीं की.