
शाहजहांपुर, अमृत विचार। साल 2023 के चर्चित वृद्धावस्था पेंशन घोटाले के मामले में समाज कल्याण विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की ओर से एलडीएम की अनुमति से बैंकों के माध्यम से लगभग 600 खाताधारकों को पेंशन की धनराशि रिकवरी का नोटिस भेजा गया है। इन खातों में गलत तरीके से पेंशन भेजी गई थी।
7 दिन का अल्टीमेटम, विकास भवन में लगी भीड़
नोटिस मिलने के बाद खाताधारकों में हड़कंप मच गया है और वे सीधे विकास भवन स्थित समाज कल्याण दफ्तर दौड़ रहे हैं। नोटिस में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है कि खाते में गलत तरीके से जो पेंशन डाली गई थी, उसे 7 दिन के अंदर वापस कर दें, अन्यथा विभाग द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सुबह से शाम तक लोग दफ्तर पहुंचकर अपना पक्ष रख रहे हैं और सफाई दे रहे हैं कि उन्हें नहीं पता कि यह खेल उनके साथ कब हो गया। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। कई लोग नोटिस के बाद पेंशन वापस लौटाने की बात भी कर रहे हैं।
फर्जी पतों पर खुले थे बैंक खाते
इस घोटाले की जड़ें काफी गहरी हैं। समाज कल्याण विभाग की ओर से भेजे गए कई नोटिस के लिफाफे वापस लौट रहे हैं। इससे यह खुलासा हुआ है कि बैंक में खाता खुलवाने के दौरान आवेदकों ने जो पते दिए थे, वे फर्जी थे। यह स्पष्ट करता है कि बुजुर्गों की पेंशन पर डाका डालने के पीछे एक बड़े सरगना का मास्टरमाइंड दिमाग था।
क्या था पूरा मामला?
साल 2023 में जनपद के तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार द्वारा 2390 बुजुर्गों की वृद्धावस्था पेंशन के असली खाते बदलकर करीब 2 करोड़ 52 लाख रुपये का गबन किया गया था। इस मामले में अब तक मात्र 61 लाख रुपये की ही रिकवरी विभाग कर पाया है। मामले का खुलासा होने पर बड़ी कार्रवाई की गई थी; मास्टरमाइंड पूर्व अधिकारी को बर्खास्त कर जेल भेजा गया था। इसके बाद, फरवरी 2026 में प्रशासन ने उक्त आरोपी की 4.49 करोड़ रुपये की संपत्ति भी कुर्क की थी।
“लगभग ढाई करोड़ का पेंशन गबन किया गया था, जोकि बुजुर्गों के खातों को बदलकर हुआ था। जिसमें अब एलडीएम की अनुमति से रिकवरी नोटिस जारी किए गए हैं। जिस कारण लोग दफ्तर में आकर अपना पक्ष रख रहे हैं।” राजेश कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी।
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