सम्राट चौधरी: बिहार में अपराध खत्म, क्राइम हो सकता है जानें क्या बोले सीएम​

सम्राट चौधरी: बिहार में अपराध खत्म, क्राइम हो सकता है जानें क्या बोले सीएम​

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का अपराध को लेकर दिया गया एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। राजमार्ग परिवहन मंत्रालय और बिहार सरकार के बीच नदी जल प्रबंधन को लेकर हुए समझौते के दौरान दिए गए भाषण में उन्होंने बिहार में अपराध की स्थिति पर ऐसी टिप्पणी की, जिसने लोगों के बीच चर्चा छेड़ दी है। उनके बयान के एक हिस्से को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर मुख्यमंत्री की बात का वास्तविक अर्थ क्या है।

सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा, ‘हमारे यहां कोई अपराध नहीं है। अपराध का कॉन्सेप्ट ही खत्म हो चुका है। क्राइम हो सकता है, लेकिन अपराध नहीं। कोई अपराधी नहीं है। दूसरी सबसे बड़ी चुनौती बिहार के लिए है पानी का प्रबंधन। यदि बिहार ने पानी का प्रबंधन कर लिया तो वह नए सिरे से खड़ा होगा।’

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में बिहार के विकास और औद्योगिक संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि झारखंड का बंटवारा होने के बाद 87 फीसदी रेवेन्यू बिहार से चला गया। अब सरकार ने खनन के काम को फिर से शुरू करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि 30 दिन के ऑर्डर पर सप्लाई करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, जहां भी तय किया जाएगा, वहां खनन शुरू किया जाएगा।

सम्राट चौधरी ने बिहार की दो प्रमुख कमजोरियों के रूप में आबादी और पानी का उल्लेख किया। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नितिन गडकरी के नेतृत्व में इतना बड़ा समझौता हो रहा है। यदि बिहार ने नदियों के पानी का व्यवस्थित प्रबंधन कर लिया तो डर 100 पर्सेंट खत्म हो जाएगा।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी मंच पर मौजूद थे। सम्राट चौधरी ने इस दिन को बिहार के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि नितिन गडकरी ने बिहार की उस कमजोरी पर ध्यान दिया है, जिसे ताकत में बदला जा सकता है। इसके लिए उन्होंने बिहार की ओर से नितिन गडकरी को विशेष रूप से बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बिहार दो चीजों को अपनी कमजोरी मानता है। उन्होंने नितिन गडकरी के कथन का उल्लेख करते हुए कहा, ‘मैं एक ऐसे इलाके से आता हूं, जहां लोग पानी के लिए तरसते रहे हैं। बिहार के लोग अपने यहां के पानी से बर्बाद नहीं होते। वे उस पानी से बर्बाद होते हैं, जो बाहर से आता है। नेपाल से सात बड़ी नदियां बिहार में प्रवेश करती हैं।’

नदी जल प्रबंधन को लेकर हुए समझौते के दौरान मुख्यमंत्री के इस संबोधन में जहां बिहार की औद्योगिक संभावनाओं, खनन और जल प्रबंधन की चुनौतियों का जिक्र हुआ, वहीं अपराध पर उनकी टिप्पणी अब सोशल मीडिया पर चर्चा का प्रमुख विषय बन गई है।

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