सीतापुर में फिर सपा नेताओं के खिलाफ लगे विवादित होर्डिंग, सांसद आनंद भदौरिया ने उतरवाकर जलाए; लगाए गंभीर आरोप

सीतापुर में फिर सपा नेताओं के खिलाफ लगे विवादित होर्डिंग, सांसद आनंद भदौरिया ने उतरवाकर जलाए; लगाए गंभीर आरोप
सीतापुर में फिर सपा नेताओं के खिलाफ लगे विवादित होर्डिंग, सांसद आनंद भदौरिया ने उतरवाकर जलाए; लगाए गंभीर आरोप

सीतापुर। शहर के मुख्य मार्ग पर मंगलवार को एक बार फिर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाते हुए लगाए गए होर्डिंग को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया। सूचना मिलते ही धौरहरा से सपा सांसद आनंद भदौरिया समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों की मदद से होर्डिंग उतरवाकर उसे जलवा दिया। सपा नेताओं ने इसे पार्टी की छवि धूमिल करने की साजिश बताते हुए प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।

शहर से बाहर लगाए गए होर्डिंग पर बड़े अक्षरों में दिल में बाबर, मुंह में राम लिखा गया था। इसके साथ समाजवादी पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं के हवाले से कथित बयानों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया था। होर्डिंग की जानकारी मिलते ही सपा कार्यकर्ताओ ने मौके पर पहुंच कर विरोध जताया।

गौरतलब है कि करीब 22 दिन पहले भी इसी स्थान पर अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के खिलाफ पोस्टर और बैनर लगाए गए थे। उस समय भी सांसद आनंद भदौरिया ने मौके पर पहुंचकर बैनर हटवाए थे और पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल से शिकायत की थी। हालांकि अब तक पोस्टर लगाने वालों की पहचान सार्वजनिक नहीं हो सकी है।

मंगलवार को दोबारा होर्डिंग लगाए जाने से सपा नेताओं में नाराजगी दिखी। सांसद आनंद भदौरिया ने कहा कि यदि पहले मामले में प्रभावी कार्रवाई हुई होती तो ऐसी पुनरावृत्ति नहीं होती। सपा सांसद का मानना है कि ये कायराना कृत्य भाजपा सरकार के इशारे पर उत्तर प्रदेश का सूचना विभाग कर रहा है। 

पहले भी एसपी से मिलकर की थी शिकायत

सांसद आनंद भदौरिया ने बताया कि  करीब 22 दिन पहले भी शहर में समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ अमर्यादित पोस्टर और बैनर लगाए गए थे। मामले को लेकर उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर दोषियों की पहचान और कार्रवाई की मांग की थी। बावजूद इसके अब तक कोई खुलासा नहीं हो सका। दोबारा होर्डिंग लगाए जाने के बाद सपा नेताओं में गहरी नाराज़गी है। 

सूचना विभाग का दुरुपयोग कर रही भाजपा

धौरहरा सांसद आनंद भदौरिया ने घटना को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह कायराना कृत्य है। उन्होंने  आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार के इशारे पर उत्तर प्रदेश सूचना विभाग की पहचान और प्रारूप का दुरुपयोग कर राजनीतिक विरोधियों को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी तंत्र का इस्तेमाल राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं होना चाहिए।

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