स्वतंत्रता दिवस पर बलरामपुर को मिली बेटियों के सम्मान की नई पहचान, फुलवरिया बाईपास पर ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ स्टैच्यू का लोकार्पण

स्वतंत्रता दिवस पर बलरामपुर को मिली बेटियों के सम्मान की नई पहचान, फुलवरिया बाईपास पर ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ स्टैच्यू का लोकार्पण

बलरामपुर, अमृत विचार। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जनपद को बेटियों के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रतीक एक नई सौगात मिली। फुलवरिया बाईपास पर “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” की प्रेरणा देने वाली बेटी की भव्य स्टैच्यू का लोकार्पण किया गया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ आरती तिवारी ने कहा  कि आज परम सौभाग्य का विषय है कि आजादी के पर्व पर ऐसी प्रतिमा स्थापित की गई है। आशा है कि जनपद बलरामपुर ही नहीं बल्कि इस रास्ते से गुजरने वाली हर क्षेत्र की बेटियां इससे प्रेरणा लेंगी कि शिक्षा के माध्यम से ही वे ऊंचाई को छू सकती हैं।

इस पावन एवं ऐतिहासिक अवसर पर सदर विधायक पलटू राम, जिलाधिकारी विपिन जैन, पुलिस अधीक्षक विकास कुमार, भाजपा नेता अपूर्व प्रताप सिंह अवी, जिला पंचायत सदस्य उमेश चौधरी, जिला पंचायत कार्यालय के अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

स्टैच्यू का अनावरण होने के बाद वक्ताओं ने बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कहा गया कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान बेटियों को शिक्षा और आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रहा है। ऐसी प्रतिमाएं समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देंगी और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेंगी।

सदर विधायक पलटू राम ने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्हें समान अवसर और प्रोत्साहन देने की जरूरत है। तभी हम विकसित और सशक्त समाज का निर्माण कर सकते हैं।

जिलाधिकारी विपिन जैन ने कहा कि प्रशासन बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के लिए लगातार काम कर रहा है। स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के साथ ही बेटियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी सहयोग दिया जा रहा है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बेटियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि बेटियां निडर होकर पढ़ें और आगे बढ़ें। इसके लिए पुलिस हर संभव मदद करेगी।

भाजपा नेता अपूर्व प्रताप सिंह अवी और जिला पंचायत सदस्य उमेश चौधरी ने कहा कि यह स्टैच्यू आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगी। इससे समाज में बेटेबेटी में भेदभाव की सोच भी कम होगी।

कार्यक्रम के अंत में सभी ने संकल्प लिया कि बेटियों को पढ़ालिखाकर ही देश और प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्टैच्यू का स्वागत किया।

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