
लखनऊ, अमृत विचार : उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा 69000 शिक्षक भर्ती के अंतर्गत नियुक्ति की मांग को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी लगातार मंत्री और नेताओं के दरवाजे खटखटा रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक न्याय नहीं मिला। गुरुवार को इरशाद अहमद के नेतृत्व में अभ्यर्थियों ने कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से अभ्यर्थियों ने मंत्री को अवगत कराया कि बीते 21 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान विभाग ने एक एफिडेविट प्रस्तुत किया। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। एफिडेविट में दिये गए आंकड़ों से अभ्यर्थी असंतुष्ट हैं। एफिडेविट में कुल 8270 पदों का आकड़ा सूची सहित दिया गया हैं। जिसमें यह बताया गया कि 3324 पद ओबीसी वर्ग के ऐसे हैं जिन्हें नौकरी में पहले से होना चाहिए था लेकिन नौकरी में नियुक्त नहीं हो पाए। विभाग ने 4946 पदों का एक आकड़ा ऐसा दिया हैं जो विरोधाभासी है। 4946 पदों का आंकड़े को बताया गया कि यह उन अभ्यर्थियों का है जिन्हें नौकरी के लिए बुलाया गया था लेकिन कोई ज्वाइन नहीं किया। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब 4946 पद पर कोई अभ्यर्थी ज्वाइन करने नहीं आए तो उनका नाम अभी तक क्यों बरकरार रखा गया है। होना यह चाहिए की मेरिट डाउन करके नीचे के अभ्यर्थियों को अवसर दिया जाय। एफिडेविट के मुताबिक जनरल वर्ग के 1144 ओबीसी वर्ग के 2524 एससी के 1244, एसटी 34 सीट रिक्त हैं।
कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अभ्यर्थियों का ज्ञापन लेने के बाद तत्काल प्रभाव से मुख्यमंत्री को पत्र लिखने व कार्यवाही कर मामले के निस्तारण का आश्वासन दिया।