8th Pay Commission: गांव से लेकर शहर तक… मकान किराये के लिए आपको मिलेंगे कितने पैसे?

8th Pay Commission: गांव से लेकर शहर तक… मकान किराये के लिए आपको मिलेंगे कितने पैसे?

8th Pay Commission: केंद्र सरकार के 50 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स के लिए एक बड़ी खुशखबरी दस्तक दे रही है. आठवें वेतन आयोग के गठन के बाद से ही हर तरफ सैलरी और भत्तों में इजाफे की जबरदस्त चर्चा है. इस बीच, सबसे ज्यादा हलचल हाउस रेंट अलाउंस को लेकर देखने को मिल रही है. ताजा अनुमानों के मुताबिक, अगर सरकार नए आयोग में 2.0 का फिटमेंट फैक्टर लागू करती है, तो लेवल 1 से लेकर लेवल 5 तक के कर्मचारियों के मकान किराए भत्ते में बंपर उछाल आ सकता है. यह अलाउंस अलगअलग शहरों के हिसाब से ₹10,800 से लेकर ₹17,520 प्रति माह तक पहुंच सकता है.

8th Pay Commission: गांव से लेकर शहर तक… मकान किराये के लिए आपको मिलेंगे कितने पैसे?

कैसे तय होता है HRA ?

हाउस रेंट अलाउंस यानी HRA केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी का वह अहम हिस्सा है, जो उन्हें किराए के घर का खर्च उठाने के लिए सरकार द्वारा दिया जाता है. इसका एक बड़ा फायदा यह भी है कि किराए के मकान में रहने वाले कर्मचारी इनकम टैक्स एक्ट के तहत इस भत्ते पर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं. सरकार ने देश के शहरों को वहां की आबादी के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा है.

  1. X श्रेणी: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता जैसे 50 लाख से ज्यादा आबादी वाले महानगर.
  2. Y श्रेणी: 5 लाख से 50 लाख तक की आबादी वाले बड़े शहर.
  3. Z श्रेणी: 5 लाख से कम आबादी वाले छोटे शहर, कस्बे या ग्रामीण इलाके. इन्ही श्रेणियों के आधार पर कर्मचारियों के HRA की दरें तय की जाती हैं.

लेवल 1 से 5 के कर्मचारियों को कितना मिलेगा पैसा?

अगर सरकार 2.0 फिटमेंट फैक्टर के फॉर्मूले को हरी झंडी दे देती है, तो शुरुआती लेवल के कर्मचारियों की मौज तय है. जैसा कि आप “image_9f9964.png” में दी गई संभावित कैलकुलेशन में साफ देख सकते हैं, लेवल 1 से 5 तक के कर्मचारियों का HRA काफी बढ़ जाएगा.

महानगरों में लेवल1 के कर्मचारी को ₹10,800 और लेवल5 के कर्मचारी को अधिकतम ₹17,520 तक HRA मिल सकता है. वहीं, Y श्रेणी के शहरों में यह आंकड़ा ₹7,200 से ₹11,680 के बीच और Z श्रेणी के छोटे शहरों में ₹3,600 से ₹5,840 तक रहने का अनुमान है. यह इजाफा कर्मचारियों के हाथों में आने वाली ‘इनहैंड’ सैलरी को काफी हद तक बढ़ा देगा.

कर्मचारी संगठनों की क्या हैं बड़ी मांगें?

शहरों में लगातार बढ़ती महंगाई को देखते हुए कर्मचारी संगठन भी सरकार पर अपनी मांगों का दबाव बना रहे हैं. ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लाइज फेडरेशन ने सरकार को सुझाव दिया है कि मौजूदा भत्ते नाकाफी हैं. संगठन की सीधी मांग है कि X श्रेणी के शहरों में HRA को बढ़ाकर 36 प्रतिशत, Y श्रेणी में 24 प्रतिशत और Z श्रेणी में 12 प्रतिशत कर दिया जाए. इसके साथ ही, संगठनों की यह भी दलील है कि जैसे ही महंगाई भत्ते में इजाफा हो, ठीक उसी अनुपात में HRA भी अपने आप रिवाइज हो जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों की जेब पर कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े.

कब तक लागू होंगी नए वेतन आयोग की सिफारिशें?

बता दें कि 8वें वेतन आयोग ने अपना आधिकारिक काम 3 नवंबर 2025 से शुरू कर दिया है. अगर पिछले वेतन आयोगों के काम करने के तरीके और इतिहास पर नजर डालें, तो पूरी रिपोर्ट का मसौदा तैयार करने में काफी वक्त लगता है.

बाजार के जानकारों का मानना है कि वेतन आयोग अपनी अंतिम और विस्तृत रिपोर्ट फरवरी से अप्रैल 2027 के बीच सरकार को सौंप सकता है. इसके बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा और फिर नई दरें लागू होंगी.

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