
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर कांग्रेस के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन को “गैरजिम्मेदाराना” बताते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री की सुरक्षा से समझौता करने का प्रयास था। उन्होंने कहा कि संसद सत्र के दौरान सड़क पर धरनाप्रदर्शन करने के बजाय विपक्ष को अपने मुद्दे सदन में उठाने चाहिए।
‘पीएम की सुरक्षा को खतरे में डालने का प्रयास’
‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस का प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना गैरजिम्मेदाराना था। उनके अनुसार, यह प्रधानमंत्री की सुरक्षा को खतरे में डालने का प्रयास था। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह प्रदर्शनकारियों से मिलकर आए थे और नीट मुद्दे पर चर्चा कराने की सहमति भी दी थी। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इसके बावजूद धरना जारी रखना पूरी व्यवस्था का मजाक उड़ाने जैसा था।
विपक्ष पर माहौल खराब करने का आरोप
उपमुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर आम आदमी पार्टी, जिसका अस्तित्व समाप्त हो रहा है, अराजकता और कानून व्यवस्था को ध्वस्त करने की कोशिश कर रही है। वहीं कांग्रेस के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी दल माहौल खराब करने में लगे हुए हैं।
‘संसद में उठाएं अपने मुद्दे’
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी मुद्दे पर चर्चा का उचित मंच संसद है। जब संसद का सत्र चल रहा हो, तब सड़क पर धरनाप्रदर्शन की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष के पास कोई मुद्दा है तो उसे संसद में उठाना चाहिए। लोकतांत्रिक व्यवस्था में सड़क पर विरोधप्रदर्शन को उचित नहीं ठहराया जा सकता।