
लखनऊ, अमृत विचार: मुख्यमंत्री संदर्भ और आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी विशाख जी ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। समीक्षा में शिकायतों के समाधान को लेकर बड़ी संख्या में शिकायतकर्ताओं ने असंतोष जताया, जिसके बाद विभिन्न विभागों के करीब 25 अधिकारियों का जून माह का वेतन रोकने के निर्देश जारी किए गए हैं।
यह कार्रवाई शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
8237 फीडबैक में 60 प्रतिशत से अधिक शिकायतकर्ता असंतुष्ट
जिलाधिकारी द्वारा जून माह में निस्तारित आईजीआरएस प्रकरणों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान कुल 8237 शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लिया गया।
इनमें से 4981 शिकायतकर्ताओं ने निस्तारण को असंतोषजनक बताया, जो कुल फीडबैक का लगभग 60.47 प्रतिशत है। वहीं 3256 शिकायतकर्ताओं ने समाधान पर संतोष जताया।
सभी शिकायतकर्ताओं से संपर्क भी नहीं किया गया
समीक्षा में यह भी सामने आया कि जिन 8237 मामलों का निस्तारण किया गया, उनमें संबंधित अधिकारियों ने केवल 4721 शिकायतकर्ताओं से ही संपर्क किया। जिलाधिकारी ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
इन अधिकारियों का वेतन रोका गया
कार्रवाई की जद में कई महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी आए हैं। इनमें जिला अल्पसंख्यक अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला पंचायती राज अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, सहायक श्रमायुक्त, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, सहायक प्रबंधक उद्योग, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, यूपी निदेशक कृषि अधिकारी, अधिशासी अभियंता , अधिशासी अभियंता , अधिशासी अभियंता , अधिशासी अभियंता , उप जिलाधिकारी सदर, सरोजनीनगर, मोहनलालगंज, बीकेटी, तहसीलदार मलिहाबाद, बीकेटी, सदर, मोहनलालगंज, सरोजनीनगर तथा नगर पंचायत काकोरी के अधिशासी अधिकारी शामिल हैं।
शिकायत निस्तारण में गुणवत्ता पर रहेगा विशेष फोकस
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री संदर्भ और आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं से संपर्क कर गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।