
लखनऊ। बिहार में आय से अधिक संपत्ति के मामलों पर आर्थिक अपराध इकाई लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में सीवान में तैनात उत्पाद निरीक्षक अंकेश कुमार गोंड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ईओयू ने उनके पांच अलगअलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है।
बिहार पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में अधिकारी के पास उनकी ज्ञात आय की तुलना में करीब 201.97 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने के साक्ष्य मिले हैं।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला
आर्थिक अपराध इकाई ने आय से अधिक संपत्ति के आरोप में बुधवार को अंकेश कुमार गोंड के खिलाफ मामला दर्ज किया। यह केस भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13 सहपठित धारा 13 के तहत दर्ज किया गया।
इसके बाद पटना स्थित विशेष न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त कर पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों की निगरानी में पांच अलगअलग टीमों का गठन किया गया।
पांच स्थानों पर एक साथ हुई कार्रवाई
ईओयू की टीमों ने एक साथ निम्न स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया—
- पटना के दानापुर स्थित आवास
- मुंगेर के चंदनबाग स्थित पैतृक घर
- मुंगेर के लल्लूपोखर स्थित व्यावसायिक भवन
- सीवान स्थित उत्पाद विभाग का कार्यालय कक्ष
- चित्रगुप्त नगर स्थित किराये का आवास
तलाशी अभियान बुधवार को शुरू हुआ और गुरुवार सुबह तक जारी रहा।
शुरुआती जांच में सामने आए ये तथ्य
आर्थिक अपराध प्रभाग के अनुसार, जांच में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि आरोपी अधिकारी ने अपनी वैध आय से 2 करोड़ 36 लाख 31 हजार रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित की है। यह उनकी ज्ञात आय की तुलना में लगभग 201.97 प्रतिशत अधिक बताई गई है।
दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड खंगाल रही ईओयू
सीवान उत्पाद विभाग के कार्यालय और बैरक परिसर में ईओयू की टीम दस्तावेजों, अभिलेखों और अन्य रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कर रही है। इसके अलावा बैंक खातों, निवेश, चलअचल संपत्तियों और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल तलाशी और जांच की प्रक्रिया जारी है। जांच पूरी होने के बाद आर्थिक अपराध इकाई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करेगी।