ट्रेन में महिला ने दिया स्वस्थ बच्चे को जन्म, कानपुर सेंट्रल पर RPF की तत्परता से बची जच्चाबच्चा की जान

ट्रेन में महिला ने दिया स्वस्थ बच्चे को जन्म, कानपुर सेंट्रल पर RPF की तत्परता से बची जच्चाबच्चा की जान
ट्रेन में महिला ने दिया स्वस्थ बच्चे को जन्म, कानपुर सेंट्रल पर RPF की तत्परता से बची जच्चाबच्चा की जान

कानपुर। रेलवे सुरक्षा बल कानपुर सेंट्रल की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक गर्भवती महिला को समय पर चिकित्सीय सहायता मिल सकी। ट्रेन में प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद महिला ने सुरक्षित रूप से एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। इसके बाद RPF और रेलवे अधिकारियों की मदद से जच्चाबच्चा को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दोनों स्वस्थ पाए गए।

गोरखधाम एक्सप्रेस में प्रसव, पुत्र को जन्म 

जानकारी के अनुसार, सोमवार 27 जुलाई 2026 को कानपुर सेंट्रल के कॉमर्शियल विभाग को सूचना मिली कि ट्रेन संख्या 12556 के कोच S1, सीट नंबर 32 पर यात्रा कर रही एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा हो रही है। सूचना मिलते ही RPF के सहायक उप निरीक्षक राजीव गौड़ और “मेरी सहेली” ड्यूटी में तैनात महिला कांस्टेबल विनीता व अंजना पटेल ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।

ट्रेन में ही हुआ प्रसव

ट्रेन के कानपुर सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 9 पर सुबह करीब 6:25 बजे पहुंचने पर मधुराज क्लीनिक के चिकित्सक डॉ. रितेश अपनी मेडिकल टीम के साथ मौके पर मौजूद थे। जांच के दौरान पता चला कि महिला ने स्टेशन पहुंचने से पहले ही ट्रेन में एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दे दिया था। इसके बाद नवजात शिशु को सुरक्षित तरीके से मधुराज क्लीनिक पहुंचाया गया। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। वहीं प्रसूता महिला को स्ट्रेचर की मदद से क्लीनिक ले जाकर चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। चिकित्सकों की जांच में महिला और नवजात शिशु दोनों स्वस्थ पाए गए। बेहतर उपचार और निगरानी के लिए डॉक्टरों ने प्रसूता महिला को उर्सला अस्पताल रेफर कर दिया।

पूछताछ में महिला ने अपना नाम करीना बताया। वह PNR संख्या 95563263 के माध्यम से ट्रेन संख्या 12556 से नई दिल्ली से प्रयागराज की यात्रा कर रही थीं। उनके साथ उनके पति फिरोज भी मौजूद थे। इसके बाद फिरोज ने 108 एम्बुलेंस की मदद से पत्नी और नवजात शिशु को उर्सला अस्पताल पहुंचाया।

RPF की तत्परता की सराहना

समय पर सूचना मिलने, त्वरित कार्रवाई और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने से महिला और नवजात को सुरक्षित उपचार मिल सका। वर्तमान में जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।

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