
उन्नाव, अमृत विचार। सिकंदरपुर सरोसी ब्लॉक स्थित थाना गांव के वृहद गोसंरक्षण केंद्र में चारा व देखभाल के अभाव में भूखप्यास से गोवंशों की मौत के मामले में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने गोशाला का संचालन कर रही एनजीओ के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की है। बता दें कि शासन के आदेश पर 1 मई 2026 को इस गोसंरक्षण केंद्र के संचालन की जिम्मेदारी पूजा श्रम सहकारी संविदा व निर्माण समिति लखनऊ को सौंपी गई थी।
सोशल मीडिया व समाचार पत्रों में गोशाला की दुर्दशा की खबरें आने के बाद सीवीओ डॉ. विनोद कुमार ने 29 जुलाई को केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इसमें चरहियां खाली मिलीं और मवेशियों को मक्का का सड़ा अवशेष खिलाया जा रहा था। हरा चारा व पोषक आहार पूरी तरह नदारद था। देखरेख के अभाव में कई गोवंशियों की मौत हो चुकी थी और उनके शवों को नोचकर कुत्ते खा रहे थे।
NGO पर कार्यवाई
मृत मवेशियों का अंतिम संस्कार तक नहीं किया गया था। घटना के बाद सीवीओ ने एनजीओ संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। एसओ माखी योगेश सिंह ने बताया कि सीवीओ की तहरीर के आधार पर एनजीओ के विरुद्ध पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
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