Sambhal News : गंगा का जलस्तर बढ़ने से घर में घुसा मगरमच्छ, रातभर दहशत में रहा परिवार

Sambhal News : गंगा का जलस्तर बढ़ने से घर में घुसा मगरमच्छ, रातभर दहशत में रहा परिवार
Sambhal News : गंगा का जलस्तर बढ़ने से घर में घुसा मगरमच्छ, रातभर दहशत में रहा परिवार

संभल, अमृत विचार। गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर अब नदी किनारे बसे गांवों में भी दिखाई देने लगा है। शुक्रवार देर रात गुन्नौर क्षेत्र के गांव रसूलपुर ढाय में एक करीब चार फीट लंबा मगरमच्छ घर में घुस आया। मगरमच्छ को देखकर परिवार में चीखपुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस और ग्रामीणों की मदद से मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़कर गंगा में छोड़ दिया गया।

घटना शुक्रवार रात करीब एक बजे मुरादाबादआगरा राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित गांव रसूलपुर ढाय की है। गांव निवासी सतीश यादव अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे। इसी दौरान आंगन से खटपट और सरसराहट की आवाज सुनकर उनकी नींद खुल गई। आंखें खुलते ही सामने करीब चार फीट लंबा मगरमच्छ रेंगता दिखाई दिया। यह दृश्य देखकर उनकी चीख निकल गई। शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी जाग गए और घर में अफरातफरी मच गई। परिजनों ने किसी तरह खुद को सुरक्षित बाहर निकाला और सामने स्थित पेट्रोल पंप पर मौजूद पुलिसकर्मियों को घटना की जानकारी दी। पुलिस और ग्रामीणों की सतर्कता से मगरमच्छ को एक कमरे में बंद कर दिया गया। शनिवार सुबह उजाला होने पर ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद करीब 35 से 40 किलोग्राम वजनी मगरमच्छ को पकड़ लिया। इसके बाद उसे गंगा बैराज के समीप गुमटी आश्रम के सुरक्षित जलक्षेत्र में छोड़ दिया गया। मगरमच्छ के पकड़े जाने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली, लेकिन रात का वह भयावह मंजर पूरे गांव में चर्चा का विषय बना रहा। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ जलीय जीवों के आबादी की ओर आने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।

पहले भी आबादी तक पहुंच चुके हैं मगरमच्छ
गुन्नौर क्षेत्र में मगरमच्छों के आबादी में पहुंचने की यह कोई पहली घटना नहीं है। कस्बे में ईदगाह के पास स्थित गहरे तालाब से निकलकर मगरमच्छ कई बार रिहायशी इलाकों तक पहुंच चुके हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार गंगा और उससे जुड़े तालाब, जलभराव वाले क्षेत्र तथा अन्य जलस्रोत मगरमच्छों और घड़ियालों का प्राकृतिक आवास हैं। बारिश के मौसम में गंगा का जलस्तर बढ़ने पर ये जलीय जीव नए रास्तों से आबादी की ओर आ जाते हैं, जिससे नदी किनारे बसे गांवों में खतरा बढ़ जाता है।

ये भी पढ़ें

ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *