क्या सच में हनुमान भक्त को विदा करने आया था बंदर? अंतिम यात्रा का ऐसा भावुक दृश्य, जिसने सबकी आंखें नम कर दीं

क्या सच में हनुमान भक्त को विदा करने आया था बंदर? अंतिम यात्रा का ऐसा भावुक दृश्य, जिसने सबकी आंखें नम कर दीं
क्या सच में हनुमान भक्त को विदा करने आया था बंदर? अंतिम यात्रा का ऐसा भावुक दृश्य, जिसने सबकी आंखें नम कर दीं

सोचिए… एक गांव में किसी हनुमान भक्त का निधन हो जाता है। घर में मातम पसरा है और परिजन नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहे हैं। तभी अचानक कुछ ऐसा होता है, जिसे देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति कुछ पल के लिए स्तब्ध रह जाता है।

झारखंड के देवघर जिले के सारठ प्रखंड के ब्रहासोली गांव में रहने वाले मुन्ना सिंह, जिन्हें लोग भगवान हनुमान का परम भक्त बताते थे, उनके निधन के बाद अंतिम यात्रा की तैयारियां चल रही थीं। तभी अचानक एक बंदर वहां आ पहुंचा।

पहले तो लोगों ने सोचा कि वह कुछ देर रुककर चला जाएगा, लेकिन आगे जो हुआ उसने सभी को भावुक कर दिया।

बताया जाता है कि बंदर धीरे-धीरे अर्थी के पास पहुंचा, मृतक के चेहरे पर पड़ी चादर हटाई और कुछ देर तक उन्हें एकटक देखता रहा। इसके बाद उसने उनके गालों को चूमना शुरू कर दिया। वहां मौजूद लोगों का दावा है कि बंदर काफी देर तक उनके पास बैठा रहा और बेहद भावुक दिखाई दे रहा था। इस पूरे दृश्य को देखकर कई लोगों की आंखें भर आईं।

मौके पर मौजूद लोगों ने इस घटना का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो देखने के बाद कई लोग इसे आस्था से जोड़ते हुए तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि मानो स्वयं हनुमान जी अपने भक्त को अंतिम विदाई देने आए हों, जबकि अन्य इसे बंदर और इंसान के बीच भावनात्मक जुड़ाव का उदाहरण बता रहे हैं।

कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।

जब अंतिम यात्रा शुरू हुई तो बंदर भी अर्थी के साथ-साथ चलता रहा। गांव के लोगों के अनुसार, वह श्मशान घाट तक शव यात्रा में शामिल रहा और पूरे समय अर्थी के आसपास ही मंडराता रहा।

श्मशान पहुंचने के बाद भी बंदर वहां से नहीं गया। बताया जाता है कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने तक वह वहीं बैठा रहा। लोगों ने कई बार उसे हटाने की कोशिश की, लेकिन वह काफी देर बाद वहां से गया।

फिलहाल इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, यह कहना संभव नहीं है कि बंदर का यह व्यवहार किसी धार्मिक या अलौकिक कारण से था। लेकिन इतना जरूर है कि इस भावुक दृश्य ने हजारों लोगों को भावुक कर दिया है और आस्था व इंसान-जानवर के रिश्ते पर नई चर्चा छेड़ दी है।

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