Quick Samachar: नई दिल्ली: 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के बीच फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम सैलरी और पेंशन को लेकर तो चर्चा चल ही रही थी। लेकिन अब एक और बड़ी मांग सामने आई है। यह कर्मचारियों के रिटायरमेंट के बाद के जीवन को पूरी तरह बदल सकती है। मांग यह है कि रिटायरमेंट पर मिलने वाली ग्रेच्युटी की लिमिट को तीन गुना बढ़ाया जाए।

केंद्रीय कर्मचारियों के मुख्य संगठन National CouncilJoint Consultative Machinery ने सरकार से मांग की है कि रिटायरमेंट के समय मिलने वाली अधिकतम ग्रेच्युटी की सीमा को 25 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे 75 लाख रुपये किया जाए। अगर सरकार इस मांग को मान लेती है, तो यह कर्मचारियों के लिए अब तक का सबसे बड़ा फायदा होगा।
अभी क्या है नियम?
फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 25 लाख रुपये तय है। इसका मतलब यह है कि आपकी सर्विस के हिसाब से आपकी ग्रेच्युटी चाहे 30 लाख रुपये बने या 40 लाख, सरकार आपको 25 लाख रुपये से एक रुपया भी ज्यादा नहीं देगी।
क्या है संगठनों की मांग?
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि आज के दौर में जिस तेजी से सैलरी और महंगाई बढ़ी है, उसे देखते हुए 25 लाख रुपये की यह लिमिट बहुत पुरानी और कम हो चुकी है। ऐसे में इसे बढ़ाकर 75 लाख रुपये करना चाहिए।
संगठन का कहना है कि ग्रेच्युटी की गणना महीने के 30 दिनों के बजाय केवल 25 प्रभावी कार्य दिवसों के आधार पर की जानी चाहिए।
साथ ही वेतन के अधिकतम 16.5 गुना की वर्तमान सीमा को पूरी तरह हटाने या इसे और बढ़ाने की मांग भी की गई है।
सरकार के खजाने पर असर
अगर सरकार केंद्रीय कर्मचारियों की 75 लाख रुपये तक की इस मांग को स्वीकार कर लेती है, तो रिटायरमेंट के समय मिलने वाले फंड में भारी बढ़ोतरी होगी। इस मांग पर अभी तक इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। यह फिलहाल केवल वेतन आयोग के सामने रखी गई प्रमुख मांगों में से एक है। अभी वेतन आयोग इन सभी सुझावों और सरकार के खजाने पर पड़ने वाले असर की जांच करेगा। इसके बाद आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा और आखिरी फैसला देश की कैबिनेट लेगी।
💬 Comments (0)
Leave a Comment