Quick Samachar: Share market crash today news : वैश्विक वित्तीय बाजारों से आए बिकवाली के एक प्रचंड तूफान ने आज भारतीय शेयर बाजार की कमर तोड़कर रख दी है, जिससे दलाल स्ट्रीट पर पूरी तरह हाहाकार मच गया है। अमेरिकी शेयर बाजार यानी वॉल स्ट्रीट में तकनीकी क्षेत्र के शेयरों में हुई भारी बिकवाली और उसके बाद एशियाई बाजारों में मची भगदड़ का सीधा असर आज घरेलू शेयर बाजार पर देखने को मिला है। बाजार में सुबह से ही चौतरफा बिकवाली इस कदर हावी रही कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स लगभग 600 से 700 अंक तक भरभराकर टूट गया। इसी तबाही के बीच नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी अपने बेहद महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर 23900 के नीचे फिसल गया, जिससे आम निवेशकों से लेकर बड़े संस्थागत खरीदारों तक में भारी घबराहट फैल गई है।

शेयर बाजार में गिरावट: सेंसेक्स 700 अंक टूटा, निफ्टी सूचकांक 23900 के नीचे फिसला​

अमेरिकी टेक शेयरों में गिरावट से बिगड़ा सेंटिमेंट : एआई वैल्यूएशन के डर से कांपे निवेशक 

इस वैश्विक बाजार के असंतुलन और गिरावट की पटकथा मुख्य रूप से अमेरिकी बाजार में लिखी गई। वॉल स्ट्रीट पर दिग्गज तकनीकी कंपनियों जैसे अल्फाबेट और स्पेसएक्स के शेयरों में अचानक आई भारी गिरावट ने वैश्विक बाजार के सेंटिमेंट को पूरी तरह बिगाड़ कर रख दिया। दरअसल, हाल के दिनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और चिप निर्माता तकनीकी कंपनियों के मूल्यांकन में अभूतपूर्व उछाल आया था। आज अमेरिकी बाजार में हुई गिरावट ने निवेशकों को इन कंपनियों के महंगे वैल्यूएशन को लेकर डरा दिया, जिसके परिणामस्वरूप वैश्विक स्तर पर बड़े फंडों और निवेशकों ने मुनाफावसूली और बिकवाली का रास्ता अपना लिया, जिसने देखते ही देखते पैनिक सेलिंग का रूप ले लिया।

एशियाई बाजारों में मची चीखपुकार : दक्षिण कोरियाई इंडेक्स कोस्पी 10% गिरा, ट्रेडिंग रुकी 

अमेरिकी बाजार के इस झटके से सबसे ज्यादा प्रभावित दक्षिण कोरियाई शेयर बाजार हुआ, जहां का प्रमुख सूचकांक कोस्पी लगभग 10 प्रतिशत की ऐतिहासिक गिरावट के साथ पूरी तरह धराशायी हो गया। बाजार में इस भारी गिरावट और अनियंत्रित बिकवाली के चलते वहां के नियामक तंत्र को हरकत में आना पड़ा और शेयर बाजार में सर्किट ब्रेकर लगाकर ट्रेडिंग को 20 मिनट के लिए पूरी तरह से रोकना पड़ गया। दक्षिण कोरियाई बाजार में टेक जगत के दो बड़े सेमीकंडक्टर शेयरों, एसके हाइनिक्स में 11 प्रतिशत से अधिक और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में 8 प्रतिशत से ज्यादा की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई, जिसने पूरे एशियाई बाजार के संतुलन को पूरी तरह से तहसनहस कर दिया।

रिकॉर्ड ऊंचाई से गिरे बाजार : विदेशी निवेशकों ने की 1.3 बिलियन डॉलर की मुनाफावसूली

यह गिरावट इसलिए भी अधिक गंभीर मानी जा रही है क्योंकि हालिया भूराजनीतिक अनिश्चितताओं और ईरान में छिड़े जंग के हालातों को दरकिनार करते हुए चिप्स और एआई की भारी वैश्विक मांग के चलते दक्षिण कोरियाई मार्केट अपने ऑलटाइम रिकॉर्ड हाई लेवल पर कारोबार कर रहा था। इस तेजी के दौर में वहां के इंडेक्स में करीब 80 से 90 प्रतिशत तक का विशाल उछाल आ चुका था, जिससे टेक कंपनियों के वैल्यूएशन बेहद महंगे और जोखिम भरे स्तर पर पहुंच गए थे। ऐसे में अमेरिकी बाजार से मिले नकारात्मक संकेतों के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए दक्षिण कोरियाई बाजार से 1.3 बिलियन डॉलर यानी करीब 2 ट्रिलियन वॉन से अधिक के शेयर बेच डाले, जिसका सीधा खामियाजा घरेलू शेयर बाजार को भुगतना पड़ा।

घरेलू आईटी सेक्टर में चौतरफा बिकवाली : चंद घंटों में डूबी अरबों की संपत्ति 

वैश्विक स्तर पर फैली इस आर्थिक तबाही से भारतीय बाजार भी अछूता नहीं रह सका और देश के आईटी सेक्टर के दिग्गजों पर आज बिकवाली की सबसे करारी मार पड़ी। भारत की प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों इंफोसिस , टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज , एचसीएल टेक और विप्रो के शेयरों में आज सबसे भीषण गिरावट दर्ज की गई, जिसके चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स आज के कारोबारी सत्र में सबसे ज्यादा टूटने वाला सेक्टोरल इंडेक्स बन गया। बाजार में अचानक आई इस ऐतिहासिक गिरावट और बिकवाली के भारी दबाव के कारण आज भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों की करीब 4.57 लाख करोड़ रुपये से लेकर 5 लाख करोड़ रुपये तक की विशाल संपत्ति चंद घंटों के भीतर पूरी तरह स्वाहा हो गई। यह क्रैश यह साफ दर्शाता है कि भारतीय बाजार अब वैश्विक टेक सेंटिमेंट और मैक्रोइकॉनॉमिक बदलावों से कितनी गहराई से जुड़ा हुआ है।