Quick Samachar: AI को लेकर कहा जा रहा है कि एआई की वजह से लोगों की नौकरियां जा रही हैं. आने वाले समय में एआई की वजह से और भी लोगों का काम छिन सकता है. खासकर आईटी कंपनियों के लिए यह और भयानक साबित हो सकता है. लेकिन इन सबके बीच देश की दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस के नंदन नीलेकणी जो कहा है वो सबसे अलग है.

इन्फोसिस के कोफाउंडर और चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने मंगलवार को कहा कि एआई आईटी कंपनियों की जगह नहीं लेगा, बल्कि उन्हें और अधिक सशक्त बनाएगा. उन्होंने कहा कि कंपनी 2030 तक 400 अरब डॉलर के एआईप्रथम सेवाओं के बड़े अवसर का लाभ उठाने के लिए तैयार है. कंपनी की 45वीं वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए नीलेकणी ने तेजी से हो रहे प्रौद्योगिकी बदलावों के कारण आईटी उद्योग के सामने मौजूद अस्तित्व से जुड़े सवाल पर चर्चा की.
AI के लिए पूरी तरह से हैं तैयार
नंदन नीलेकणी के मुताबिक जनरेटिव एआई के शुरू होने के तीन साल बाद भी इन्फोसिस पहले से अधिक प्रासंगिक है और आने वाले दशक के लिए अच्छी स्थिति में है. हम बेहतर कोडिंग उपकरणों को अपनाते हुए अपनी उत्पादकता बढ़ा रहे हैं, लेकिन सॉफ्टवेयर विकास के क्षेत्र में अभी बहुत काम बाकी है. उन्होंने कहा कि बड़े उद्यम ग्राहकों में एआई के उपयोग को लेकर एक अंतर मौजूद है और उसे पाटना ही सबसे बड़ा अवसर है. नंदन नीलेकणी ने कहा, एआई हमारी जैसी कंपनियों की जगह नहीं लेगा. यह उन कंपनियों को और मजबूत करेगा जो उद्देश्य के साथ आगे बढ़ती हैं और तेजी से खुद को ढालती हैं.
AI प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम
उन्होंने स्पष्ट किया कि उद्यम समाधान के लिए कठोर परीक्षण, मजबूत संरचना, ठोस साइबर सुरक्षा और सख्त डेटा शासन की आवश्यकता होती है, जिसे बाहरी मंच पर पूरी तरह निर्भर होकर नहीं किया जा सकता. एआई क्रांति ने पुराने प्रणाली के आधुनिकीकरण को जरूरी बना दिया है, जिससे इन्फोसिस को इस संरचनात्मक बदलाव का लाभ उठाने का अवसर मिल रहा है. उन्होंने कहा कि ग्राहक इन्फोसिस पर भरोसा करते हैं कि वह अपने अनुभव के आधार पर उन्हें एंटरप्राइज एआई की जटिलताओं से निपटने में मदद करेगा. साथ ही, कंपनी अपने शीर्ष 200 ग्राहकों में से 90 प्रतिशत के साथ एआई से जुड़ी परियोजनाओं पर काम कर रही है.
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