कोटक महिंद्रा की 3 महीने में हुई 5,480 करोड़ रुपये की कमाई, क्या होगा शेयरों पर इसका असर?

कोटक महिंद्रा की 3 महीने में हुई 5,480 करोड़ रुपये की कमाई, क्या होगा शेयरों पर इसका असर?

प्राइवेट बैंक कोटक महिंद्रा बैंक ने जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं. बैंक का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 22.55% बढ़कर 5,480.46 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल इसी तिमाही में यह 4,472.18 करोड़ रुपये था. वहीं, स्टैंडअलोन आधार पर बैंक का शुद्ध मुनाफा 4,122.96 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 3,281.68 करोड़ रुपये था. बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम यानी ब्याज से होने वाली मुख्य कमाई 9% बढ़कर 7,928 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल 7,259 करोड़ रुपये थी. हालांकि नेट इंटरेस्ट मार्जिन घटकर 4.53% रह गया. पिछले साल यह 4.65% और पिछली तिमाही में 4.67% था. यानी बैंक की ब्याज से कमाई की क्षमता पर थोड़ा दबाव देखने को मिला.

कोटक महिंद्रा की 3 महीने में हुई 5,480 करोड़ रुपये की कमाई, क्या होगा शेयरों पर इसका असर?

बैंक की फीस और सर्विस से होने वाली कमाई 11% बढ़कर 2,500 करोड़ रुपये हो गई. हालांकि पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 10% की कमी आई. इसका मतलब है कि सालाना आधार पर ग्रोथ बनी रही, लेकिन हाल की तिमाही में रफ्तार कुछ धीमी हुई. कोटक महिंद्रा बैंक के एमडी और सीईओ अशोक वासवानी ने कहा कि वह इस साल दिसंबर के आखिर में अपना पद छोड़ देंगे. उन्होंने बताया कि यह फैसला निजी और पेशेवर दोनों वजहों से लिया गया है. उनके मुताबिक पिछले साढ़े तीन साल में बैंक ने बड़े बदलाव किए हैं और अब वह अगले ग्रोथ फेज के लिए मजबूत स्थिति में है.

बैंक में क्याक्या बदलाव किए गए?

वासवानी ने कहा कि उनके कार्यकाल में बैंक ने टेक्नोलॉजी से जुड़ी दिक्कतों को दूर किया, नई मैनेजमेंट टीम तैयार की, पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड और माइक्रोफाइनेंस कारोबार को बेहतर बनाया और डिपॉजिट बेस को मजबूत किया. उन्होंने कहा कि अब बैंक पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में है और आगे तेजी से बढ़ने के लिए तैयार है. उन्होंने बताया कि बैंक का बोर्ड और नॉमिनेशन एंड रेम्युनरेशन कमेटी आरबीआई के नियमों के मुताबिक नए सीईओ की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करेगी. बैंक के पास अंदरूनी तौर पर मजबूत टीम है, लेकिन जरूरत पड़ने पर बाहरी उम्मीदवारों पर भी विचार किया जाएगा.

डिपॉजिट और लोन में शानदार बढ़त

जून तिमाही में बैंक का कुल डिपॉजिट 14% बढ़कर 5.59 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि एक साल पहले यह 4.92 लाख करोड़ रुपये था. वहीं कुल लोन 15% बढ़कर 5.28 लाख करोड़ रुपये हो गया. हालांकि बैंक के CASA यानी करंट और सेविंग अकाउंट का हिस्सा 43.3% से घटकर 40.3% रह गया. अशोक वासवानी ने कहा कि एनआरआई ग्राहकों की तरफ से FCNRB डिपॉजिट की अच्छी मांग देखने को मिल रही है. बैंक GIFT सिटी और दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर के जरिए ऐसे डिपॉजिट जुटाने की योजना बना रहा है. इसके लिए एशिया, मिडिल ईस्ट और दूसरे देशों के बैंकों के साथ साझेदारी भी की जाएगी. उनका कहना है कि ज्यादातर पैसा तीन और पांच साल की अवधि वाले डिपॉजिट में आने की उम्मीद है, जिससे बैंक का डिपॉजिट बेस और मजबूत होगा.

RBI की FCNRB स्कीम से मिलेगा फायदा

आरबीआई ने जून की मौद्रिक नीति बैठक में विदेशी पूंजी बढ़ाने और देश की बाहरी वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए स्पेशल FCNRB विंडो शुरू की थी. इस योजना का फायदा उठाकर बैंक विदेशी मुद्रा में ज्यादा डिपॉजिट जुटाना चाहता है. बैंक ने बताया कि उसने ECLGS 5.0 के तहत करीब 3,000 करोड़ रुपये के लोन MSME और SME ग्राहकों को दिए हैं. बैंक इन लोन की वापसी और उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और फिलहाल किसी बड़ी चिंता की बात नहीं है. इसके अलावा गोल्ड लोन कारोबार तेजी से बढ़ रहा है और बैंक ज्यादा ब्रांचों में इसकी सुविधा शुरू कर रहा है. वहीं ग्राहकों की नई रणनीति अपनाने के बाद बैंक ने क्रेडिट कार्ड कारोबार में भी फिर से ग्रोथ हासिल करनी शुरू कर दी है.

शेयर पर क्या होगा असर?

कोटक महिंद्रा बैंक के तिमाही नतीजों में मुनाफा, डिपॉजिट और लोन ग्रोथ मजबूत रही है, जो शेयर के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा सकती है. हालांकि NIM में गिरावट, CASA अनुपात कम होना और CEO के पद छोड़ने की घोषणा ऐसे मुद्दे हैं जिन पर निवेशकों की नजर रहेगी. ऐसे में सोमवार को शेयर में अच्छी तेजी या उतारचढ़ाव दोनों देखने को मिल सकते हैं.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *