मोबाइल पर स्टेटस लगा असिस्टेंट प्रोफेसर ने काटी कलाई की नस

मोबाइल पर स्टेटस लगा असिस्टेंट प्रोफेसर ने काटी कलाई की नस
मोबाइल पर स्टेटस लगा असिस्टेंट प्रोफेसर ने काटी कलाई की नस

कार्यालय संवाददाता, लखनऊ, अमृत विचार: जानकीपुरम विस्तार सेक्टर8 निवासी असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संजय खोलिया ने शनिवार को मोबाइल पर स्टेटस लगाया। इसके बाद कलाई की नस काट ली। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने आननफानन जानकीपुरम ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया। जहां से ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया है। पुलिस के मुताबिक शुरूआती जांच में पारिवारिक कलह की बात सामने आई है।

मूलत: जयपुर के रहने वाले डॉ. संजय खोलिया सेक्टर8, जानकीपुरम विस्तार में रहते है। डॉ. संजय खोलिया आरजीएस आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज एंड रिसर्च सेंटर, इटौंजा में असिस्टेंट प्रोफेसर है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। डॉ. संजय खोलिया ने मोबाइल फोन पर आत्महत्या करने का स्टेट्स लगाया। इसके बाद उन्होंने अपने बाएं हाथ की कलाई की नस को ब्लेड से काट लिया। डॉ. संजय खोलिया के अनुसार करीब तीन साल पहले उनकी शादी हुई थी।

शादी होने के कुछ दिनों बाद वह उनसे व परिवार से लड़ाई झगड़ा करना शुरू कर दिया। 9 नवंबर 2024 को उनकी पत्नी की डिलीवरी हुई एक बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद उनकी पत्नी अपने मायके चली गई। जब भी वह अपने ससुराल बच्चे से मिलने जाते तो उनकी पत्नी व ससुराल वाले उन्हें उनके बच्चे से मिलने नही देते और झगड़ा करते हुए झूठे दहेज के केस में फंसाने की धमकी देकर भगा देते थे।

तीन पन्ने का सुसाइड नोट लिखकर काटी नस

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में सामने आया कि 12 जुलाई को डॉ. संजय खोलिया अपनी ससुराल जयपुर गए, उन्हें बच्चे से मिलने नही दिया गया। आरोप है कि ससुराल वालों ने गाली गलौज, मारपीट का झूठा आरोप लगाकर थाने में बंद करवा दिया। इसके बाद पुलिस ने 6 महीने के लिए बच्चे से नही मिलने की पाबंदी लगाकर उन्हें छोड़ा। इन लोगों की मानसिक प्रताड़ना से मैं बहुत दुखी हो चुका हूं, अब मेरे जीने की इच्छा खत्म हो गई हैं। अब मैं और सह नही पा रहा हूं, उन्होंने मेरे बच्चे से दूर कर दिया। इस सब से दुखी होकर मैं अब दुनिया छोड़कर जा रहा हूं। तीन पन्ने का सुसाइड नोट लिखकर ब्लेड से अपने बाएं हाथ के कलाई की नस काट ली।

मेडिकल सुप्रिटेंडेंट ने स्टेटस देख पुलिस को दी सूचना

पुलिस के मुताबिक डॉ. संजय खोलिया के मोबाइल फोन स्टेट्स उनके कालेज के मेडिकल सुप्रिन्टेनेन्डेन्ट डॉ आर के मिश्रा ने देखा। उन्होंने डायल 112 पर डॉ संजय द्वारा आत्महत्या करने की सूचना दिया। कंट्रोल रूम से दोपहर 12:15 बजे सूचना पीआरवी 7100 को दी गई। करीब 10 मिनट के अंदर पीआरवी के सिपाही नवीन कुमार, होमगार्ड वीरेंद्र यादव डॉ संजय खोलिया के घर की तीसरी मंजिल पर पहुंच गए। उन्होंने देखा कि डॉक्टर ने अपने बाएं हाथ की नस को ब्लेड से काट लिया है। डॉ खून से लतपथ हालात में बेड पर पड़े हुए थे। आनन फानन में सिपाही नवीन दो अन्य लोगों की मदद से उन्हें जानकीपुरम ट्रामा सेंटर भेजा। जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन थियेटर में उनकी नस की सर्जरी कर खून को रोका। इनके बाद उन्हें केजीएमयू ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। सिपाही की बहादुरी ने डॉक्टर की जान बचा ली।

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