क्या है हार्वेस्ट मून… चांद के अलगअलग रंग और रूप नजर आते हैं, लेकिन एक रूप ऐसा भी है जो साल में एक बार आता है. वो है हार्वेस्ट मून. हार्वेस्ट मून एक पूर्ण चांद होता है, लेकिन साल के दूसरे पूर्ण चांद से अलग. यह आमतौर पर सितंबर या अक्टूबर के महीने में दिखाई देता है. इस साल यह 26 सितम्बर को नजर आएगा.

घंटों चमकता है… इस चांद की कई खासियतें हैं. जैसे यह रातभर आसमान में ऊंचा रहता है और घंटों तक चमकता है. दूसरे पूर्ण चांद आधी रात में सबसे ऊंचे बिंदु पर पहुंचते हैं, लेकिन हार्वेस्ट मून क्षितिज के पास रहता है और सूर्यास्त के बाद से सूर्योदय तक लगातार आसमान में दिखता रहता है.
क्या है इसका साइंस… यह घटना चांद की कक्षा के कोण के कारण होती है. पृथ्वी के चारों ओर चांद की कक्षा 5 डिग्री के कोण पर झुकी होती है. सितंबरअक्टूबर में इस कक्षा का कोण ऐसा बनता है कि चांद हर रात को 50 मिनट से लेकर 80 मिनट बाद उदय होता है जो आमतौर पर 5060 मिनट का होता है. इसका मतलब है कि हार्वेस्ट मून कई रातों तक लगातार दिखता रहता है.
क्यों नाम मिला हार्वेस्ट मून नाम… यह चांद सितंबरअक्टूबर में नजर आता है. उस दौरान किसान फसलों की कटाई करते हैं. इसलिए इसे हार्वेस्ट मून कहते हैं. पश्चिमी देशों में, विशेषकर उत्तरी अमेरिका और यूरोप में, सितंबरअक्टूबर वह समय होता है जब मुख्य फसलें पककर तैयार हो जाती हैं.
क्यों है इसका महत्व… पहले के दौर में बिजली का कोई साधन नहीं था. किसानों को फसल काटने के लिए दिन ही नहीं, रातभर काम करना पड़ता था. हार्वेस्ट मून की रोशनी लंबे समय तक प्रकाश किसानों के लिए वरदान साबित होती थी. चांद की रोशनी में वे आसानी से अपने खेतों में काम कर सकते थे, फसल काट सकते थे और उसे इकट्ठा कर सकते थे. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं।