”BJP ने श्रद्धा में की सेंधमारी”, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अखिलेश यादव का बड़ा हमला

”BJP ने श्रद्धा में की सेंधमारी”, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अखिलेश यादव का बड़ा हमला
”BJP ने श्रद्धा में की सेंधमारी”, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अखिलेश यादव का बड़ा हमला

लखनऊ। अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर विपक्ष लगातार भारतीय जनता पार्टी को घेर रगा है। इसी बीच समाजवादी पार्टी और BJP एक दूसरे की बुराइयां गिना रहे हैं। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा और उसके सहयोगियों पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि आस्था से जुड़े इस मामले में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर से जुड़े लोकधन की लूट का मुद्दा संसद और जनता के बीच उठाना सभी का फर्ज है।

सोशल मीडिया पर भाजपा पर साधा निशाना

अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया मंच X पर एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी “आस्था के साथ विश्वासघात” के दोषी हैं। उन्होंने दावा किया कि दानपात्र, गुप्त दान, दान रसीदों, जमीन खरीदफरोख्त और जांच प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि दान राशि और अन्य मामलों में कथित अनियमितताओं की पूरी तरह से निष्पक्ष जांच नहीं हुई और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही भी सही से तय नहीं की गई। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उन्होंने इसे आस्था और लोकधन से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए इसकी व्यापक जांच की मांग  को एक बार फिर दोहराया है।

https://twitter.com/yadavakhilesh/status/2082686905863606537?s=20

संसद परिसर में सपा का विरोध प्रदर्शन

बुधवार को समाजवादी पार्टी के सांसदों ने संसद परिसर में इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेता प्रतीकात्मक रूप से दान पेटी लेकर पहुंचे और सांसदों से चढ़ावा एकत्र किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और सांसदों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।

अखिलेश यादव ने कहा कि उनके अनुसार यदि चढ़ावे और गुप्त दान से जुड़ी अनियमितताओं के आरोप सही हैं, तो यह केवल भ्रष्टाचार नहीं बल्कि आस्था से जुड़ा गंभीर मामला है।

राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज

राम मंदिर से जुड़े इस मुद्दे पर विपक्ष लगातार सरकार और संबंधित पक्षों से जवाब मांग रहा है। वहीं यह मामला अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। आने वाले दिनों में इस विषय पर संसद और प्रदेश की राजनीति में और चर्चा होने की संभावना है।

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