CJP Jantar Mantar Protest Live: शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा घोटालों को लेकर जंतरमंतर से शुरू हुआ आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक मुद्दा बन गया है। बुधवार को संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सांसद काले कपड़े पहनकर संसद परिसर पहुंचे और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

इस बीच, सरकार और CJP के प्रतिनिधियों के बीच दोपहर 12 बजे वार्ता प्रस्तावित है। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली मेट्रो के चार प्रमुख स्टेशन अगले आदेश तक बंद कर दिए गए हैं।
CJP का दावा जेपी नड्डा ने बातचीत के लिए बुलाया
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि बुधवार सुबह दिल्ली पुलिस ने उन्हें जानकारी दी कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा उनसे बातचीत करना चाहते हैं और इसके लिए उन्हें उनके आवास पर बुलाया गया था। हालांकि, सौरव दास ने कहा कि CJP ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। उनका कहना है कि संगठन किसी नेता के आवास या सरकारी दफ्तर में बातचीत के लिए नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में बातचीत करना चाहती है, तो उसे जंतरमंतर आना चाहिए या फिर आसपास किसी तटस्थ स्थान पर बैठक आयोजित करनी चाहिए। सौरव दास ने यह भी कहा कि सरकार को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह आंदोलनकारियों की मांगों पर गंभीरता से चर्चा करना चाहती है या नहीं। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिक बातचीत के लिए बुलाने का कोई औचित्य नहीं है, क्योंकि हजारों लोग अब भी आंदोलन में शामिल हैं और उनकी मांगों का समाधान जरूरी है।
अभिजीत दिपके ने सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील
CJP प्रमुख अभिजीत दिपके ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वांगचुक का स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है और उनकी आवाज पहले ही पूरे देश तक पहुंच चुकी है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। दिपके ने स्पष्ट किया कि जंतरमंतर पर चल रहा शांतिपूर्ण आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक प्रदर्शनकारियों की मांगें पूरी नहीं हो जातीं। उन्होंने कहा कि संगठन अपने आंदोलन को लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाता रहेगा। इस दौरान उन्होंने एक बार फिर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए।
संसद में विपक्ष का प्रदर्शन
संसद भवन के मकर द्वार पर विपक्षी सांसदों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। इस दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अखिलेश यादव समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। विपक्ष ने छात्रों के आंदोलन और हालिया पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
जंतरमंतर से शुरू हुआ आंदोलन, कई राज्यों तक पहुंचा
शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब दिल्ली से निकलकर कई राज्यों तक पहुंच चुका है। छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों के साथ अब कई विपक्षी दल भी इस आंदोलन के समर्थन में सामने आए हैं।
बीते दिनों प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की, जहां पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इस दौरान कई स्थानों पर धक्कामुक्की हुई और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया। इसके बाद यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और गर्मा गया।
राहुल गांधी की हिरासत पर सियासी घमासान
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस ने सरकार पर विपक्ष और छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। वहीं सरकार का कहना है कि विपक्ष छात्रों के मुद्दे का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है।
लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित
विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। मानसून सत्र के तीसरे दिन भी सदन में जोरदार नारेबाजी देखने को मिली।
सुरक्षा के चलते 4 मेट्रो स्टेशन बंद
दिल्ली में प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने सुरक्षा कारणों से जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया है। हालांकि राजीव चौक और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों पर इंटरचेंज सुविधा जारी रहेगी।
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प्रियंका गांधी ने छात्रों का किया समर्थन
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और उन्हें अपनी बात रखने का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
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