
मुरादाबाद, अमृत विचार। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के सभागार में मंगलवार को ऊर्जा संरक्षण भवन संहिता पर एक दिवसीय प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ईसीबीसी सेल उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण की ओर से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में शहर के आर्किटेक्ट और एमडीए के अभियंता समेत अन्य कर्मचारी शामिल रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के सचिव पंकज वर्मा भी मौजूद रहे।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी के नामित मास्टर ट्रेनर संदीप वर्मा ने प्रतिभागियों को तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी। इसके अलावा ईसीबीसी टीम के विशेषज्ञ सदस्य आर्किटेक्ट तुषार श्रीवास्तव और विवेक कुमार ने ईसीबीसी के घटकों, ऊर्जा बचत गणना, भवन डिज़ाइन दृष्टिकोण तथा दीर्घकालिक वित्तीय व पर्यावरणीय लाभ बताया। उन्होंने बताया कि ईसीबीसी को अब राज्य की भवन उपविधियों में अनिवार्य रूप से शामिल कर दिया गया है, इसलिए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण एवं सामयिक है।
कार्यशाला का उद्देश्य भवन निर्माण एवं विकास योजनाओं से जुड़े प्रशासनिक अधिकारियों, अभियंताओं, नगर नियोजकों तथा पंजीकृत वास्तुविदों को ऊर्जा दक्षता से संबंधित नियमों, तकनीकी मानकों एवं मानचित्र स्वीकृति में इसके अनुपालन की प्रक्रियाओं से परिचित कराना था। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। अंत में संवाद सत्र में प्राधिकरण के अधिकारियों, अभियंताओं और वास्तुविदों ने इसकी अनुपालन रिपोर्ट, मॉडल सिमुलेशन तथा व्यावहारिक क्रियान्वयन से संबंधित जिज्ञासा का समाधान भी पाया।
यह हैं इसके प्रमुख बिंदु
भवन उपविधियों में अनिवार्य समावेश: विकास प्राधिकरण में व्यावसायिक एवं बड़े निर्माण कार्यों के मानचित्र अनुमोदन हेतु ईसीबीसी मानकों का पालन आवश्यक
ऊर्जा व संचालन लागत में बचत: कोड के अनुरूप निर्मित भवनों में 20% से 30% तक बिजली की खपत कम होती है, जिससे ऊर्जा संरक्षण के साथ वित्तीय बचत भी होती है।