Quick Samachar: Excessive Sleep Warning Signs: स्वस्थ रहने के लिए रोजाना लगभग 7 से 9 घंटे की नींद लेनी चाहिए, लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब नींद कम नहीं, बल्कि जरूरत से ज्यादा आने लगे। क्या आप रोज 10 घंटे या उससे ज्यादा सोते हैं और फिर भी थकान महसूस करते हैं? यह केवल आलस नहीं, बल्कि किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है।

Excessive Sleep:  क्या आपको भी आती है जरूरत से ज्यादा नींद? नजरअंदाज करना पड़ सकता है महंगा​

विशेषज्ञों के अनुसार जरूरत से ज्यादा नींद मेटाबॉलिज्म को धीमा कर सकती है, वजन बढ़ा सकती है और पूरे दिन सुस्ती बनाए रख सकती है। जानिए किन कारणों से आती है अत्यधिक नींद और कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है।

हर किसी की नींद की जरूरत अलग हो सकती है

बच्चों, किशोरों, गर्भवती महिलाओं और बीमारी से उबर रहे लोगों को सामान्य से अधिक नींद की आवश्यकता हो सकती है। हालांकि, यदि एक स्वस्थ व्यक्ति लगातार जरूरत से ज्यादा सो रहा है, तो इसके पीछे कोई शारीरिक या मानसिक कारण हो सकता है।

जरूरत से ज्यादा सोने से वजन बढ़ता है

वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि, जरूरत से ज्यादा सोने से शरीर की गतिविधियां कम हो सकती हैं। जब व्यक्ति ज्यादा समय बिस्तर पर बिताता है, तो इससे वजन बढ़ने की संभावना बढ़ती है।

मेटाबॉलिज्म भी धीमा हो सकता है

लंबे समय तक ऐसा चलने पर शरीर का मेटाबॉलिज्म भी धीमा हो सकता है। इसके अलावा कई लोग ज्यादा सोने के बाद भी भारीपन, सुस्ती और सिरदर्द महसूस करते हैं।

डॉक्टर बताते हैं कि बहुत कई बार किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है।

जरूरत से ज्यादा सोने से थका हुआ महसूस

नींद से जुड़ी कुछ बीमारियां जैसे नींद में सांस रुकना, मस्तिष्क से जुड़ी नींद की समस्याएं या शरीर में बेचैनी की स्थिति नींद को बारबार बाधित कर सकती हैं। इसी वजह से व्यक्ति ज्यादा देर तक सोने के बाद भी थका हुआ महसूस करता है। इसके अलावा अनियमित दिनचर्या, लगातार तनाव, गलत खानपान, बहुत ज्यादा कैफीन या शराब का सेवन भी नींद के पैटर्न को बिगाड़ सकता है।

 

थायरॉयड से तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारियां

कुछ मामलों में यह स्थिति शरीर के हार्मोनल बदलाव या पुरानी बीमारियों से भी जुड़ी हो सकती है। जैसे थायरॉयड की समस्या, ब्लड शुगर का असंतुलन या कुछ तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारियां भी व्यक्ति को ज्यादा सोने के लिए मजबूर करती हैं। इसलिए अगर किसी व्यक्ति की नींद अचानक बढ़ जाए या वह लंबे समय तक थकान महसूस करता रहे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

डॉक्टरों की सलाह है कि अगर ज्यादा नींद के साथ तेज खर्राटे, सांस लेने में परेशानी, अचानक या याददाश्त कमजोर होने जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत जांच करानी चाहिए।