Quick Samachar: तीन बार ग्रैमी अवॉर्ड जीतने वाले संगीतकार रिकी केज ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की खास सीरीज ‘एक्सप्रेसो’ के 14वें एडिशन में पहुंचे। संगीतकार ने यहां कई मुद्दों पर बात की। अपने संगीत के शानदार सफर के बारे में बात करते हुए उन्होंने खुलासा किया कि अपने संगीतकार बनने के सपने को पूरा करते से पहले उन्हें अपने पिता को मनाने के लिए काफी मेहनत की थी। उनके पिता चाहते थे कि वो अच्छे से पढ़ाई करके अच्छी डिग्री लेकर डॉक्टर बने, लेकिन रिकी की तकदीर को कुछ और ही मंजूर था।
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‘एक्सप्रेसो’ में बातचीत के दौरान रिकी ने बताया कि ‘उनके पिता रिकी के संगीतकार बनने से नाखुश थे। रिकी ने अपने पिता के सामने शर्त रखी कि मैं आपकी बात मान लूंगा लेकिन उसके बाद आप मुझे कुछ नहीं कहेंगे।’ इसके बाद रिकी ने बेंगलुरु के पी ई एस डेंटल कॉलेज से बीडीएस की डिग्री हासिल की थी। जब उन्होंने डेंटिस्ट्री की डिग्री पूरी कर ली तब उन्होंने अपने पिता से कहा कि ‘मैंने आपकी बात मान ली थी, अब आप मुझे मत रोकिएगा।’ इसके बाद उन्होंने अपना पूरा करियर संगीत के नाम कर दिया।
रिकी बताते है कि आज भी जब उनके माता पिता उनके किसी संगीत इवेंट में जाते हैं तो वहां जब लोग रिकी के संगीत की तारीफ करते हैं तो उनके पिता खासतौर पर ये सबको बताते हैं कि रिकी डॉक्टर भी हैं।
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रिकी बताते है कि डेंटिस्ट्री की पढ़ाई करते हुए भी उनका मन सिर्फ संगीत में लगता था। बता दें कि उन्होंने संगीत की कोई औपचारिक ट्रेनिंग नहीं ली थी, इसके बावजूद वह एक सफल संगीतकार बने। रिकी केज अपने शानदार संगीत करियर में तीन बार ग्रैमी अवार्ड जीत चुके हैं। साल 2015 में रिकी ने पहला ग्रैमी अवार्ड जीता, इसके बाद 2022 में दूसरा और साल 2023 में तीसरा ग्रैमी अवार्ड अपने नाम किया था।
इसके अलावा साल 2025 में रिकी रेज को पद्मा श्री अवार्ड मिला था। कला के क्षेत्र में उनके शानदार योगदान और भारत का नाम रोशन करने के लिए देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया। संगीतकार बनने से पहले रिकी 13 साल तक विज्ञापन की दुनिया में भी नाम कमा चुके हैं। जिसमें उन्होंने 3500 से ज्यादा विज्ञापनों के लिए संगीत दिया है।
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