
लखनऊ, अमृत विचार फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन के सामने शुक्रवार को दिन दहाड़े पुलिस और अपराधियों के बीच एनकाउंटर शुरू हो गया। अपराधियों के भागने की स्थिति में यूपी पुलिस के 300 पुलिस कर्मियों ने बदमाशों को घेरा। चार घंटे तक चले कांबिंग के बाद पुलिस कर्मियों ने दोनों बदमाशों को मार गिराया, जबकि दो पुलिस कर्मी गोली लगने से घायल हो गए। 2026 में अब तक हुए समस्त एनकाउंट में यह एसा एनकाउंटर था जिसके लिए फील्ड पर एडीजी जोन, आईजी और दोदो पुलिस अधीक्षक मैदान में उतरे।
घटनाक्रम के मुताबिक 14 दिन पहले इटावा निवासी अंकित उर्फ सीटू और सुमित अपने एक साथी के साथ जीएलपी हॉस्पिटल के मालिक डॉ आरएस पाल से मार्निंग वाक करते समय चेन स्नैचिंग की थी। इसी मामले में इटावा एसओजी आरोपियों की तलाश कर रही थी। एडीजी एसके भगत के मुताबिक शुक्रवार को दो अरोपी अंकित और सुमित ट्रेन में बैठकर झारखंड भाग रहे थे।
एसओजी को सर्विलांस से इसकी भनक लग गई। ट्रेन जब शिकोहाबाद पहुंची तो एसओजी के जवान उन्हें पकड़ने पहुंच गए। आरोपियों ने पुलिस को ट्रेन में घुसता देख कूदकर भागने लगे। जवानों ने आरोपियों का पीछा करना शुरू किया। पुलिस को पीछा करते देख आरोपियों ने स्टेशन पर अपने परिवार के साथ खड़े एक बच्चे को गन प्वाइंट पर उठा लिया और धमकी देने लगे कि अगर गोली चली तो बच्चे को मार दुंगा। यह देख पुलिस कुछ देर के लिए रुक गई।
इस दौरान आरोपियों ने एक युवक की बाइक छीनी और उसी से फरार हो गए। पुलिस वालों ने भी बाइक से आते जाते लोगों से बाइक मांगी ओर पीछा करना शुरू कर दिया। इस दौरान आरोपियों ने पुलिस वालों पर गोली चलानी शुरू कर दी, जिससे आरक्षी डेविड चौहान और पुष्पेंद्र को गोली लगी और दोनों वहीं पर गिर गए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलानी शुरू की, जिसके बाद दोनों आरोपी नग्ला कन्हई नामक गांव स्थित एक स्कूल में घुस गए।
पुलिस पहुंची तो बाउंड्रीवाल फांदकर फागे। इस दौरान करीब 300 जवानों ने पूरे गांव को घेर लिया। उधर, एडीजी जोन एसके भगत, आईजी और एसएसपी भी मैदान में उतरे। उच्चाधिकारियों के मैदान में उतने की सूचना मिलते ही पुलिस और सक्रिय हुई और गांवों में घरों और खेतों में तलाशी लेनी शुरू कर दी। सामने दिखने पर फिर पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस की गोलियों से दोनों बदमाश मौके पर ही ढेर हो गए।