GenZ की भाषा ट्रेंड में, जानें Clocked It, Delulu और FOMO का मतलब

GenZ की भाषा ट्रेंड में, जानें Clocked It, Delulu और FOMO का मतलब

संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई सांसदों ने अपने भाषण में Clocked It, Delulu, FOMO, M.I.A. और वास्ते गुना हुइया जैसे GenZ स्लैंग्स का इस्तेमाल किया. सोशल मीडिया पर अक्सर सुनाई देने वाले ये शब्द जब संसद में गूंजे, तो इनकी चर्चा हर तरफ होने लगी. पहली बार इतने बड़े स्तर पर GenZ की भाषा संसद की कार्यवाही में सुनाई दी. GenZ यानी आज की युवा पीढ़ी सोशल मीडिया और रोजमर्रा की बातचीत में ऐसे स्लैंग्स का खूब इस्तेमाल करती है. ये शब्द छोटे होते हैं, लेकिन इनके अलगअलग मतलब होते हैं.

GenZ की भाषा ट्रेंड में, जानें Clocked It, Delulu और FOMO का मतलब

संसद में भी इनका इस्तेमाल युवाओं, पेपर लीक आंदोलन और राजनीति से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखने के लिए किया गया. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल है कि इन शब्दों का मतलब क्या है और सांसदों ने इन्हें किस संदर्भ में कहा. आइए जानते हैं संसद में चर्चा में आए इन GenZ स्लैंग्स के बारे में.

पेपर लीक बिल की चर्चा में किनकिन GenZ शब्दों का इस्तेमाल हुआ?

मंगलवार को संसद में पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान कई सांसदों ने GenZ की भाषा का इस्तेमाल किया. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने अपने भाषण में FOMO और M.I.A. जैसे शब्द बोले. वहीं, बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने सरकार का पक्ष रखते हुए Clocked It कहा.

तेजस्वी सूर्या और श्रीकांत शिंदे ने Delulu और FOMO का इस्तेमाल किया, जबकि कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने वास्ते गुना हुइया का जिक्र किया. एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने भी अपने भाषण में Delulu शब्द का इस्तेमाल किया. सत्ता और विपक्ष, दोनों के सांसदों की जुबान पर GenZ के ये शब्द सुनाई दिए, जिसके बाद इनकी खूब चर्चा होने लगी.

Clocked It, Delulu, FOMO और M.I.A. का क्या मतलब है?

संसद में इस्तेमाल हुए GenZ के इन शब्दों का मतलब अलगअलग है.

Clocked It का मतलब है किसी बात या स्थिति को सही तरीके से समझ लेना.

Delulu शब्द Delusion से बना है. इसका मतलब होता है किसी गलतफहमी या भ्रम में रहना.

FOMO का पूरा नाम Fear Of Missing Out है, यानी किसी मौके या घटना से छूट जाने का डर.

M.I.A. का मतलब Missing In Action होता है. इसका इस्तेमाल किसी ऐसे व्यक्ति के लिए किया जाता है, जो लंबे समय तक दिखाई न दे या किसी काम में शामिल न हो.

आजकल सोशल मीडिया पर ये शब्द काफी आम हो चुके हैं. युवा बातचीत, मीम्स और रील्स में इनका खूब इस्तेमाल करते हैं. अब यही शब्द संसद की बहस का भी हिस्सा बन गए.

वास्ते गुना हुइया क्या है, जिसकी संसद में भी हुई चर्चा?

संसद में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने अपने भाषण के दौरान वास्ते गुना हुइया का जिक्र किया. यह सोशल मीडिया पर वायरल होने वाला एक मीम और ट्रेंडिंग फ्रेज है. इसका कोई तय या आधिकारिक मतलब नहीं है, लेकिन लोग इसे मजाक या हल्केफुल्के अंदाज में इस्तेमाल करते हैं.

बताया जाता है कि इसकी शुरुआत कई साल पहले वायरल हुए एक वीडियो और इंटरनेट मीम से हुई थी. समय के साथ यह अलगअलग रील्स और सोशल मीडिया पोस्ट में नए अंदाज में इस्तेमाल होने लगा. आज कई कंटेंट क्रिएटर भी इस फ्रेज का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए यह युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो गया है.

सोशल मीडिया की भाषा संसद तक कैसे पहुंची?

GenZ की भाषा पहले सोशल मीडिया, मीम्स और रील्स तक ही सीमित मानी जाती थी, लेकिन अब इसका असर राजनीति में भी दिखने लगा है. पेपर लीक आंदोलन में बड़ी संख्या में युवा जुड़े थे और सोशल मीडिया पर अपनी बात रख रहे थे. ऐसे में कई सांसदों ने भी युवाओं से जुड़ने और अपनी बात आसान तरीके से समझाने के लिए GenZ के स्लैंग्स का इस्तेमाल किया.

यही वजह है कि पहली बार संसद की बहस में इतने GenZ शब्द सुनाई दिए. इससे साफ है कि सोशल मीडिया की भाषा अब धीरेधीरे सार्वजनिक और राजनीतिक चर्चाओं का भी हिस्सा बनती जा रही है.

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